इलाहाबाद. नवाबगंज थाना पुलिस की मदद से क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार को दो गांजा तस्कर को माल सहित गिरफ्तार किया है। उनके पास से 700 किलोग्राम गांजा ट्रक सहित बरामद किया गया है, जिसकी कीमत सात करोड़ रुपए आंकी जा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ओडिसा से माल लेकर आ रहे थे। उन्हें एक खेप पर एक लाख रुपए इनाम मिलता था। पकड़े गए दोनों आरोपी कौशांबी जिले के रहने वाले हैं।
पुलिस अधीक्षक, अपराध शाखा ने बताया कि एसएसपी और क्राइम ब्रांच की टीम को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि तस्कर बिहार के रास्ते यूपी में भारी मात्रा में गांजा लाने वाले हैं। ऐसे में इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम क्राइम के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। इसके बाद नवाबगंज पुलिस की सहायता से आरोपियों को माल के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि उन्हें एक खेप स्प्लाई करने पर एक लाख रुपए का इनाम मिलता था। बरामद 1109 ट्रक का नंबर यूपी 62एटी 2372 है।
कौशांबी जिले के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी
आरोपियों की पहचान कौशांबी जिला निवासी रामकुशल सिंह उर्फ संतलाल लाल सिंह पुत्र रामलोचन सिंह, बाकरगंज थाना वेस्ट सरीरा और राममूरत सरोज उर्फ राधेमोहन पुत्र रामलखन सरोज उर्फ छेदी लाल घसिया पुरा थाना सरीरा के रूप में की गई है। गैंग का मुख्य सरगना अभी भी फरार है। वहीं, वांछित अभियुक्तों में महराज निवासी खखरेरू फतेपुर, राकेश सिंह निवासी वेस्ट सरीरा कौशांबी, पिंटू सिंह निवासी जौनपुर और राम सहाय यादव निवासी जौनपुर है, जिनकी तलाश जारी है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ धारा 109/15 और 8/20/22 एनडीपीएएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
यूपी के इन जिलों में करते थे सप्लाई
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपी जिले के बाहर ओडिसा और बिहार राज्य से भारी मात्रा में गांजा लाकर इलाहाबाद, कौशांबी, फतेहपुर और इसके आसपास के जिलों में थोक में सप्लाई करते थे। गांजे की तस्करी करने के लिए इस गैंग द्वारा ट्रक को मोडिफाई करके उसके तली में गोपनीय चेम्बर बनाकर उपयोग किया जाता था। इससे बाहर से देखने में सामान्य रूप से ट्रक खाली दिखता है। ऐसे में ये अपराधी बच निकलते थे।
आगे पढ़िए नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित पीवीआर ढाबा के पास हुए गिरफ्तार…