इलाहाबाद. हांडिया में बुधवार को ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान हुई फायरिंग में प्रधान के बेटे की गोली लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अगर वक्त रहते घायल युवक का इलाज करा दिया जाता तो उसकी जिंदगी बच सकती थी। वहां मौजूद लोगों, विधायकों और पुलिस ने भी उसकी मदद नहीं की।
(7वीं स्लाइड्स में देखें...कैसे मौत के लिए संघर्ष करता रहा युवक)
जान बचाने के लिए इधर-उधर भागता रहा देवेंद्र
- प्रत्यक्षदर्शी राकेश ने बताया कि जब प्रधान के बेटे देवेंद्र सिंह (32) को गोली लगी तो वहां मौजूद पुलिस, विधायक और लोगों ने उनकी मदद नहीं की।
- देवेंद्र के सीने में गोली लगी थी। वह जिंदगी बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे, लेकिन किसी ने उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई।
- जख्मी देवेंद्र सड़क पर पड़ी चारपाई पर लेट गए। इसके बाद खुद ही हिम्मत कर कार में बैठे।
- करीब आधे घंटे बाद उन्हें बाइक से शहर के हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
- बता दें, इलाहाबाद से करीब 20 किलोमीटर दूर थाना सरायइनायत में ब्लॉक चुनाव के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था।
- इसमें दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चली थी। इस बीच वहां मौजूद देवेंद्र सिंह (32) को एक गोली लग गई थी।
- देवेंद्र डुबकी कला, हांडिया के प्रधान यज्ञ नारायण सिंह के बेटे थे।
सपा प्रत्याशी के समर्थकों ने किया था हंगामा
- प्रत्याशी डब्बू ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सपा प्रत्याशी से जीत गया।
- इसके बाद गलत काउंटिंग की बात कहकर री-काउंटिंग कराई गई।
- इसमें डब्बू के 8 वोट कैंसिल कर दिए गए, जिससे वह हार गया।
- ऐसे में डब्बू के समर्थक आक्रोशित हो गए और दूसरे पक्ष के लोगों से जा भिड़े।
- दोनों तरफ से जमकर पथराव और फायरिंग की गई।
मौत के बाद फूटा था लोगों का गुस्सा
- देवेंद्र की मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
- भीड़ ने कई दुकानों में पथराव किया और तोड़तोड़ की।
- आक्रोशित लोगों ने हांडिया से सपा विधायक प्रशांत सिंह की गाड़ी में भी तोड़-फोड़ की।
- पथराव में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
आगे की स्लाइड्स में देखें, फोटोज...