इलाहाबाद. प्रतापगढ़ पुलिस ने एक बार फिर अपने ही खुलासे को झूठा साबित कर दिया है। पुलिस ने बीते 15 फरवरी 2013 में हुई जगदेव यादव की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा किया। इस मामले में पुलिस ने दोबारा जांच में मृतक के बेटे, दामाद और एक रिश्तेदार हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में गांव का ही गोविंद वर्मा लगभग डेढ़ सालों से सजा काट रहा है।
मामला अंतू थाने के अर्जुनपुर माठिया का है। यहां जगदेव की हत्या उसके बेटे ने मदनलाल ने ही सोते समय गोली मार कर दी थी। उनसे संपत्ति के लिए अपने पिता की हत्या की थी। इस घटना को अंजाम देने में मृतक के दामाद लल्लन यादव और एक अन्य रिश्तेदार अखिलेश ने मदनलाल की मदद की थी। बताया जा रहा है कि मृतक जगदेव अपने छोटे बेटे से ज्यादा लगाव रखता था। इसी वजह से बड़ा बेटा मदनलाल अपने पिता से मन ही मन रस्क रखता था। इसकी कीमत उसे जान देकर अदा करनी पड़ी।
मदनलाल ने ही दर्ज कराई थी रिपोर्ट
हत्या के बाद मदनलाल ने पहले तो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया लेकिन बाद में उसने पड़ोसी गोविंद वर्मा और उसके भाई राजेंद्र वर्मा को आरोपी बना दिया था। इसके बाद पुलिस ने गोविंद वर्मा को गिरफ्तार कर जेल के पीछ पहुंचा दिया था। वह आज भी जिलाकारागर में उस जुर्म सजा भुगत रहा है, जो उसने नहीं किया था।
कौन लौटाएगा गोविंद के डेढ़ साल
फिलहाल पुलिस देर से ही सही पर सच्चाई सामने लाने में कामयाब हुई है। इस मामले के उजागर होने से जहां समाज में रिश्तों में पड़ रही दरारों से पर्दा उठा, वहीं पुलिस की कार्यशैली पर भी अब उंगलियां उठनी शुरू हो गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि गोविंद वर्मा के डेढ़ साल जो उसने सलाखों के पीछे बिताए, कौन लौटाएगा?
फोटो: पुलिस हिरासत में हत्यारोपी मदनलाल, लल्लन और अखिलेश (बाएं से दाएं)