इलाहाबाद. सपा का जिलाध्यक्ष बनकर लोगों पर धौंस जमा रहे एक व्यक्ति को पुलिस ने सोमवार को झूंसी इलाके से गिरफ्तार किया है। वह दो वर्ष पहले इसी थाने में बैरक में चोरी करते हुए भी पकडा गया था। पुलिस ने रंगदारी मांगने वाले इस आरोपी के कई कारनामों से अब पर्दा उठाएगी। फिलहाल सपा के वास्तविक जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति सिंह यादव की पहल पर इसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
बताते चलें कि झूंसी के हवासपुर का रहने वाला सुनील मिश्रा खुद को एलएलबी डिग्री धारक बताता है। उसने पुलिस को बताया कि वह कुलभास्कर आश्रम से बीएड भी कर रहा है। ठीक-ठाक पढे-लिखे इस युवक को फ्रॉड करने की जरूरत क्यों पड़ी? फिलहाल इस पर न तो पुलिस मुंह खोल रही है न ही आरोपी कुछ बता रहा है।
दो वर्ष पूर्व बैरक में चोरी करते पकड़ा गया था
झूंसी थाने के बैरक में सुनील को दो वर्ष पूर्व चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था। हालांकि, मारपीट और चेतावनी देने के बाद उसे छोड़ दिया गया था। दोबारा पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद पुराने पुलिस कर्मियों ने उसकी पहचान की।
चौकी प्रभारी से कराता था मोबाइल रिचार्ज पुलिस ने बताया कि सुनील फूलपुर कोतवाली प्रभारी को भी एक बार धौंस दिखा चुका है। सैदाबाद पुलिस चौकी के प्रभारी ओम प्रकाश सिंह को उसने कई बार फोन कर मोबाइल रिचार्ज करने के लिए कहा। हालांकि, वे धौंस में नहीं आए। सपा जिलाध्यक्ष से पहचान होने के कारण उन्होंने उनसे सीधे बात कर ली। यहीं से सुनील की पोल खुलने लगी।
फोन नंबर ट्रेस करने के बाद हुआ गिरफ्तार
सपा जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति सिंह के पास भी इस मामले को लेकर अधिकारियों के फोन आने लगे थे, इसलिए उन्होंने एसएसपी से मिलकर मामले की जांच कराने को कहा। क्राइम ब्रांच ने जब सुनील के फोन नंबर को सर्विलांस पर लिया तो उसके ठिकाने की जानकारी मिल गई। इसके बाद उसके पते पर छापेमारी कर उसे हिरासत में ले लिया गया।
तस्वीर में: पुलिस की गिरफ्त में फर्जी सपा जिलाध्यक्ष सुनील मिश्रा।