फोटो: आयोग के सामने धरना देते और सभा करते हजारों अभ्यर्थी।
इलाहाबाद. कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। 2013 की स्नातक स्तरीय संयुक्त पुनर्परीक्षा के परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों ने बुधवार को फिर आंदोलन शुरू कर दिया। आयोग के अधिकारियों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए उन्होंने आयोग के इलाहाबाद स्थित दफ्तर का घेराव किया। हजारों की संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने दफ्तर के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी।
जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। समझाने के बावजूद अभ्यर्थी वहां से हटने को तैयार नहीं थे। करीब चार घंटे बाद उन्होंने पुलिस लाइन में गिरफ्तारी दी। दरअसल 2013 की स्नातक स्तरीय संयुक्त पुनर्परीक्षा के परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों ने करीब दो महीने पहले आंदोलन शुरू किया था।
पहले आयोग के दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया गया। बाद में अभ्यर्थियों ने आयोग के सामने आमरण अनशन भी किया। इस दौरान तीन अभ्यर्थियों की हालत बिगडने के बाद अधिकारी हरकत में आए। परिणाम की पीडीएफ फाइल आयोग की वेबसाइट पर लोड करने के साथ ही आयोग ने परीक्षा का संशोधित परिणाम भी जारी किया। इसके बाद उन्होंने आमरण अनशन समाप्त किया।
परीक्षा निरस्त करने की मांग कर रहे अभ्यर्थी
अभ्यर्थी 2013 की स्नातक स्तरीय संयुक्त पुनर्परीक्षा, 2014 की स्नातक स्तरीय संयुक्त परीक्षा और संयुक्त हायर सेकंडरी परीक्षा को निरस्त कर सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही पूर्व में अपलोड की गई पीडीएफ फाइल को दोबारा अपलोड किए जाने और चेयरमैन को हटाने की मांग भी अभ्यर्थी कर रहे हैं।
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