फोटो: dainikbhaskar.com के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के दौरान अपने हालात के बारे में बताती सुरेंद्र कोली की पत्नी शांति देवी।
लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली की फांसी पर 29 अक्टूबर तक के लिए रोक लगा दी है, लेकिन उसके गुनाहों की सजा आज उसके बीवी-बच्चे भुगत रहे हैं। उनसे कोली के भाइयों और रिश्तेदारों ने रिश्ता-नाता तोड़ लिया है। किसी को बदनामी का डर है तो कोई झंझट में फंसने से बच रहा है। इसी बीच 28 सितंबर को निठारी के दूसरे आरोपी पंढेर को जेल से रिहाई मिल गई है। इस बात से कोली का परिवार बेहद नाराज है।
कोली की गिरफ्तारी के बाद से कोई भी उनके साथ खड़ा होने को तैयार नहीं है। यहां तक कि कोई उन्हें आसरा देना नहीं चाहता। मौजूदा समय में कोली की पत्नी शांतिदेवी दिल्ली में अकेले दम पर बच्चों का लालन-पालन कर रह रही है। गुजारे के लिए वह एक छोटी-सी नौकरी कर रही है। dainikbhaskar.com से बातचीत में उसने अपना दर्द बयां किया।
कोली के परिवार में उसकी पत्नी शांतिदेवी, बड़ी बेटी (11) और छोटा बेटा (8) है। साल 2006 में जब कोली का नाम निठारी कांड में आया था, उस दौरान उसका बेटा पैदा भी नहीं हुआ था। इस कांड की गूंज उसके गांव मंगरुखाल तक भी पहुंची। शांति देवी ने बताया कि कोली की गिरफ्तारी के बाद गांववाले उससे दूरियां बनाने लगे। उसने सबसे मदद की गुहार लगाई लेकिन कोई भी साथ देने को तैयार नहीं हुआ।
शांति देवी के मुताबिक, कोली के तीनों भाइयों से 500-500 रुपए गुजारे के लिए मांगे थे ताकि वह अपना और बच्चों का पेट पाल सके लेकिन सभी ने रुपए देने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद उसके बच्चों के लिए खाने के भी लाले पड़ गए थे।
गांव में भी यदि कहीं वह मजदूरी करने जाती थी तो लोग तरह-तरह की बातें करते थे और उसे निकालने की बात कहते थे। इससे परेशान होकर छह-सात महीने पहले उसने गांव छोड़ दिया। यहां तक कि इस दौरान कोली के भाइयों ने भी उनसे मुंह मोड़ लिया।
आगे पढ़िए, आखिर क्यों अब तक चुप रही निठारी कांड का मुख्य आरोपी सुरेंद्र की पत्नी...
Edited by- सुजीत वर्मा।