तस्वीर में: डासना जेल से बाहर निकलकर अपनी गाड़ी की ओर जाता पंढेर।
गाजियाबाद. चर्चित निठारी कांड का आरोपी और फांसी की सजा पाए सुरेंद्र कोली का मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर शनिवार देर शाम जमानत पर जेल से रिहा हो गया है। वहीं,कोली डासना जेल में बंद है। पंढेर सात साल और नौ माह बाद जेल से छूटा है। रिहाई के समय परिजन जेल के बाहर पंढेर को लेने आए परिजनों से मिलकर पंढ़ेर के आंसू छलक पड़े।
बेहद कमजोर दिखा पंढेर
पंढेर जब जेल से बाहर निकाला तो बेहद कमजोर दिख रहा था। पंढेर को जेल के बाहर मीडिया ने घेर लिया लेकिन वह ‘नो कमेंट्स’ कहकर परिजनों के साथ कार में बैठकर चला गया। बताया जा रहा है कि पंढेर को शूगर डाउन की बीमारी थी। जेल के अस्पताल में वह काफी समय से भर्ती था।
इन प्रक्रियाओं के बाद मिली जमानत
30 दिसंबर 2006 से डासना जेल में बंद निठारी कांड के आरोपी पंढेर को अगस्त में ही पांचों मामलों में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। पंढेर के परिजनों की ओर से बेल-बॉन्ड पेश किए जाने के बाद कोर्ट ने दस्तावेज सत्यापन के लिए भेजे। वहीं एक मामले में धारा कम होने से उसकी रिहाई अटक गई थी। पंढेर के परिजन दोबारा से हाईकोर्ट गए। वहां से जमानत प्रक्रिया पूरी होने के बाद गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में बेल-बॉन्ड पेश किए। इसी के चलते शनिवार को सीबीआई विशेष न्यायाधीश ने पंढेर का रिहाई परवाना जारी कर दिया।
बताते चलें कि 29 दिसंबर, 2006 को निठारी कांड का खुलासा हुआ था। उसके कुछ दिन बाद ही पुलिस ने खूनी कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार कर लिया था। पंढेर को पांच मामलों में जमानत मिल गई थी, जबकि छठे मामले (रिम्पा हलदर) में वह उच्च न्यायालय से बरी हो गया था। हालांकि, मामला उच्चतम न्यायालय में चल रहा है।
आगे पढ़िए क्या था पूरा मामला कैसे अकेले कोली ही साबित हुआ आरोपी....