फोटो: पकड़े गए ट्रक के साथ आरोपी ड्राइवर।
गोरखपुर. सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला अनाज गरीबों की जगह कालाबाजारी में है। बीते रविवार को गोरखपुर के सहजनवां इलाके में पुलिस ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत दिया जाने वाला 150 क्विंटल चावल पकड़ा। यह चावल की खेप कुशीनगर के एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) के गोदाम से निकली थी। इसे खाद्य विभाग के तय केंद्र पर भेजने की बजाए कालाबाजारी के लिए हरियाणा के करनाल इलाके में भेजा जा रहा था। एसएसपी ने इस कालाबाजारी के खेल में आरएफसी के कर्मचारियों के भी मिले होने की आशंका जताई है।
बीते शुक्रवार को कुशीनगर जिले स्थित भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से चावल की निकासी हुई थी। इसे खाद्य विभाग के जिस केंद्र पर भेजा जाना था, वहां नहीं भेजकर कालाबाजारी के लिए हरियाणा के करनाल भेजा जा रहा था। इस माल को ट्रांसपोर्टर के जरिए ट्रक पर लोड किया गया था। सहजनवां थानाक्षेत्र स्थित टोल प्लाजा पर थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव ने जांच के दौरान ट्रक रोका।
ट्रक पर लोड माल की बिल्टी 50 गुना 300 के बराबर 150 क्विंटल की होनी चाहिए थी। यह बिल्टी (चावल की रसीद) 250 गुना 60 की वह भी कुशीनगर की जगह बिहार के गोपालगंज से बनायी गई थी। ड्राइवर की गतिविधि पर शक पर ट्रक की तलाशी ली गई। ट्रक में 300 बोरी यानि 150 क्विंटल चावल लदा था।
इस पर सरकारी मुहर लगी थी। साथ ही ट्रक में यूपी 53 की एक नंबर प्लेट भी मिली। इसके बाद ट्रक को पुलिस स्टेशन लाया गया। साथ ही ड्राइवर के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
बिल्टी बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट से हरियाणा के करनाल के लिए बनाई गई थी। पूछताछ में ड्राइवर देवेंद्र ने बताया कि चावल लादने के लिए ट्रांसपोर्टर ने जगह बताई थी। एफसीआइ से दूसरे ट्रक से माल बाहर निकाला गया था। इसके कुछ दूर बाद ही दूसरे ट्रक पर माल लोड कर दिया गया। इसके बाद ट्रक नंबर पीबी-10-एयू-8261 से हरियाणा के लिए माल रवाना हो गया। उसके पीछे चार ट्रकों में माल लोड कर करनाल के लिए ही भेजा गया है।
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