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नगर निगम का ढुलमुल रवैया, CCTV सर्विलांस योजना पर लगा ग्रहण

7 वर्ष पहले
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फाइल फोटो: सीसवीटीवी कंट्रोल रूम।

गोरखपुर.
गोरखपुर में अपराध के बढ़ते ग्राफ को शून्‍य पर पहुंचाने के लिए पुलिस प्रशासन की पहल कामयाब होती नहीं दिख रही है। इस पहल के अंतर्गत शहर के 45 स्‍थानों के 151 बिंदुओं पर एचवीएस इंडिया द्वारा सीसीटीवी कैमरा लगवाया जाना था। बीते 16 सितंबर को आदेश जारी होने के बाद भी यह योजना पूरी तरह से खटाई में है। नगर निगम में इस प्रस्‍ताव को मंजूरी भी मिल गई थी लेकिन नगर आयुक्‍त ने अभी तक मामले को संज्ञान में नहीं लिया है।

उत्‍तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव नीरज गुप्‍ता ने 16 सितंबर को यूपी के सभी जिलों के पुलिस और प्रशासनिक प्रमुखों को एक चिट्ठी जारी की थी। इसके माध्‍यम से यह निर्देशित किया गया था कि शहर के सभी प्रमुख स्थलों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाने की पहल की जाए। इसके लिए पुलिस प्रशासन व्यापारिक संगठनों, व्यापारियों और आम जन का सहयोग भी ले सकते हैं।

बताते चलें, सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने के एचवीएस इंडिया के प्रस्ताव को बीते अगस्त महीने की नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में पास कर दिया गया था। इसकी सूचना एसवीएस के प्रोपराइटर को दे दी गई थी। बाद में इस बात की जानकारी डीएम रंजन कुमार ने मीडिया दी थी। इसके साथ ही पुलिस विभाग ने पुलिस लाइन में एचवीएस को कंट्रोल रूम बनाने के लिए जमीन और सुरक्षा प्रदान करने के लिए कहा था। इसके बाद भी पूरी योजना कई महीनों से लंबित है।

कुछ व्‍यापारी कर चुके हैं पहल

गोरखपुर के तत्कालीन एसएसपी आकाश कुलहरि ने डीएम के सहयोग से शासन की इस मंशा को साकार बनाने का कार्य शुरू कर दिया था। इसमें व्यापारिक संगठनों और व्यापारियों से मिलकर, उनके साथ बैठक कर प्रतिष्ठानों के सामने कम से कम पांच मेगापिक्सल का सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए प्रेरित किया था। कुछ व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों के सामने सीसीटीवी कैमरे लगा भी लिए थे लेकिन अधिकांश ने ऐसा नहीं किया।

आगे पढ़िए इस योजना को पूरा करने में दो करोड़ रुपए से अधिक का आएगा खर्च...