गोरखपुर. शहर के नए बसे इलाके तारामंडल में एक आलीशान सरकारी दफ्तर है। लेकिन इससे जुड़ा है एक अभिशाप। ऐसा अभिशाप जो मौत बनकर यहां काम करने वाले लोगों के ऊपर या उनके परिवार के ऊपर मंडराता है। जीडीए की बिल्डिंग में काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी भले खुलकर कुछ न बोलें, लेकिन जून 2006 में हुए शतचंडी यज्ञ का जिक्र आते ही धीरे-धीरे वे भी परतें खोलने लगते है।
इस बिल्डिंग में दो गेट हैं, लेकिन पश्चिमी गेट को शायद ही कभी खोला जाता, क्योंकि माना जाता हैकि इस गेट के रास्ते बिल्डिंग में मौत आपना शिकार ढूँढने घुस जाती है। समय के साथ जीडीए कर्मियों ने इस तथ्य को महज भ्रम बताना शुरू कर दिया हुआ हो। लेकिन आसपास की चाय पान की दुकानों पर खड़े होकर चर्चा छेड़ कर देखिये, एक से एक किस्से सुनने को मिलेंगे।
तस्वीरों के जरिए जानिए पूरी दास्तां...