गोरखपुर. दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षांत समारोह सप्ताह का रविवार को धूमधाम से समापन हो गया। सप्ताह के अंतिम दिन मुख्य अतिथि नैक के निदेशक प्रोफेसर एएन राय ने 26 मेधावी स्टूडेंट्स को 63 गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया। इससे पहले शनिवार को यूपी के राज्यपाल ने 41 स्टूडेंट्स को 44 गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया था।
इसके अतिरिक्त दीक्षांत समारोह का सबसे बेहतरीन लोगो बनाने वाले गोपाल प्रसाद को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा प्रतियोगिता में शामिल दूसरा और तीसरा स्थान पाने वाले स्टूडेंट्स को भी नकद पुरस्कार दिया गया। प्रथम पुरस्कार के रूप में गोल्ड मेडल, प्रशस्ति पत्र और 3 हजार रुपए दिया गया। लोगो डिजाइन के लिए दूसरा पुरस्कार सुरेन्द्र प्रजापति और तीसरा पुरस्कार संजीव कुमार को दिया गया। दूसरे और तीसरे पुरस्कार के रूप में क्रमशः दो और एक हजार का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पात्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि नैक के निदेशक प्रोफेसर एएन राय ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन स्टूडेंट्स के साथ ही उनके अभिभावकों के लिए भी खास है। उन्होंने अपने पाल्यों से जो सपना संजोया था, शायद उस सपने को पूरा करने की पहली सीढ़ी को उनके दुलारों ने सफलता से पार कर लिया है। युवा ही देश का कर्णधार है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का कभी अंत नहीं होता। साथ ही उन्होंने कहा कि बगैर लक्ष्य निर्धारण के कोई भी व्यक्ति सफल नहीं हो सकता।
रविवार को 26 मेधावी स्टूडेंट्स को 63 स्मृति स्वर्ण पदकों से नवाजा गया। जैसे ही ये स्वर्ण पदक इनके गले में पड़े इनकी खुशी का तो ठिकाना ही नहीं रहा। कुलपति प्रोफेसर अशोक कुमार ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया, जबकि संचालन प्रोफेसर विनोद सोलंकी ने किया। अंत में कुलसचिव अशोक कुमार अरविन्द ने दीक्षांत समारोह के समापन की घोषणा की।
आगे पढ़िए इन्हें दिया गया स्मृति स्वर्ण पदक...