झांसी. यहां एक वृद्ध महिला की मौत डॉक्टरों के लिए पहेली बनी हुई है। कई दिनों के इलाज के बाद भी डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम महिला की बीमरी का पता नहीं लगा सकी। रहस्मयी बीमारी ठीक नहीं होने की स्थिति में महिला को स्वाइन फलू की दवा टैमी फलू दी गई। इसके बाद भी महीला पर कोई असर नहीं हुआ। महिला के मौत की वजह का पता लगाने के लिए ब्लड सैंपल पीजीआई, लखनउ भेजे गए हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विनोद यादव ने बताया कि जांच के लिए सैंपल भेज दिए गए हैं। अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। उनका कहना है कि महिला को स्वाइन फलू था या नहीं, यह रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। ज्ञात हो कि ग्वालियर, कानपुर, मेरठ और लखनऊ में स्वाइन फलू से कई मौत हो चुकी हैं। ग्वालियर और कानपुर झांसी के नजदीक है। इसलिए यहां पहले से ही अहतियात बरती जा रही थी।
बताया गया कि एक 50 वर्षीय महिला को जुकाम, बुखार के साथ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई दिन के इलाज के बाद भी चिकित्सकों को महिला की बीमारी समझ नहीं आई। महिला में डॉक्टरों को स्वाइन फलू के लक्षण दिखे। डॉक्टरों ने महिला को टैमी फलू की भी दवा दी, लेकिन महिला पर इसका कोई असर नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई।
सीएमओ डॉ. विनोद यादव ने बताया कि महिला की मौत कैसे हुई। इसका अब तक पता नहीं लग सका है। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट किया जा चुका है। अस्पताल में एक वार्ड इसके लिए सुरक्षित भी रखा गया है। साथ ही लखनऊ से टैमी फलू की 400 टेबलेट्स मंगाई जा चुकी है।
फोटो: जिला अस्पताल, झांसी।