तस्वीर में: राजनाथ सिंह और आडवाणी महंत योगी अवैद्यनाथ के अंतिम दर्शन के लिए जाते हुए।
गोरखपुर. शनिवार सुबह पूजन के बाद ब्रह्मलीन महंत योगी अवैद्यनाथ के ब्रह्मलीन शरीर को उनके भवन से निकालकर गुरु गोरक्षनाथ जी के सम्मुख ले जाया गया। यहां नाथ परंपरा के अनुरूप योगी आदित्यनाथ और अन्य संतों ने विधिवत पूजन किया। यहां से ब्रह्मलीन शरीर को मुख्यद्वार (मंदिर) के सामने रख दिया गया है। यहां श्रद्धा से लोग ब्रह्मलीन महंथ का दर्शन कर रहे हैं। यह दर्शन आज पूरे दिन और रात में भी चलेगा। इस दौरान गोरखनाथ के मुख्य मंदिर का कपाट बंद कर दिया गया है। महंत के अंतिम दर्शन के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह और लालकृष्ण आडवाणी सहित कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां पहुंची। बताया जा रहा है कि अवैद्यनाथ के ब्रह्मलीन शरीर का दर्शन करने के लिए पीएम मोदी भी गोरखपुर पहुंच सकते हैं।
बताते चलें कि पूर्व सांसद और रामजन्म भूमि आन्दोलन के अग्रणी नेता रहे गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ शुक्रवार रात को ब्रह्मलीन हो गए। वह 96 साल के थे। महंत को सांस की बीमारी थी। उनके ब्रह्मलीन होने की खबर मिलते ही गोरखपुर सहित अन्य जगहों पर शोक की लहर दौड़ गई।
शुक्रवार की शाम 4 बजकर 12 मिनट पर उन्हें दिल्ली से एयर एम्बुलेंस द्वारा गोरखपुर रवाना हुई। शाम 5 बजकर 32 मिनट पर वे गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंची। वहां गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय के डॉक्टर सहित हिन्दू युवा वाहिनी और बीजेपी नेता सहित अन्य लोग मौजूद थे। एयरपोर्ट से उन्हें गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय ले जाया गया जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
मोदी ने जताया दुख
इस दौरान प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर दुख जताया, उन्होंने लिखा है कि 'महंत अवैद्यनाथ के निधन से दुखी हूं। उन्हें उनकी उत्साही देशभक्ति और समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता के लिए याद किया जाएगा।' गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित ब्रह्मलीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ की समाधि स्थल के बगल में ब्रह्मलीन हुए महंत अवैद्यनाथ को समाधि दी जाएगी।
योगी आदित्यनाथ बने हैं उत्ताराधिकारी
महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी योगी आदित्यनाथ ने 1998 में सबसे कम उम्र का सांसद बनने का गौरव प्राप्त किया। योगी आदित्यनाथ ने 'हिन्दू युवा वाहिनी' का गठन किया जो हिन्दू युवाओं को धार्मिक बनाने के लिए प्रेरणा देती है। महंत अवैद्यनाथ का गोरखपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में काफी प्रभाव था। चार बार सांसद रहे अवैद्यनाथ ने 1998 में योगी आदित्यनाथ को अपना राजनीति वारिस बनाया था। योगी तभी से गोरखपुर का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं।
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