गोरखपुर. दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) विश्वविद्यालय ने शनिवार को अपना 33वां दीक्षांत समारोह मनाया। इसकी अध्यक्षता सूबे के राज्यपाल राम नाइक ने की। समारोह में नैक के निदेशक प्रोफेसर एएन राय ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। राज्यपाल नाइक, मुख्य अतिथि प्रोफेसर एएन राय और वीसी प्रोफेसर अशोक कुमार ने मेधावियों को मेडल और डिग्रियां प्रदान की। समारोह में कुल 41 मेधावियों को मेडल दिया गया। इसमें 28 छात्राएं शामिल हैं।
समारोह में डीडीयू की टॉपर सुरभि अग्रवाल को 4 गोल्ड मेडल मिले। सत्र (2013-14 और 2012-13) की विभिन्न परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक पाने वाले 41 मेधावियों को 44 यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल से नवाजा गया। 175 शोधार्थियों को डॉक्टर ऑफ फिलासफी और एक छात्र को डी.लिट की उपाधि दी गई। ज्ञात हो कि समारोह में 107 मेडल दिए जाने थे, लेकिन समय की कमी को देखते बाकी 63 मेडल रविवार को आयोजित समारोह में दिए जाएंगे।
विवि के स्टूडेंट रहे मुख्य अतिथि नैक के निदेशक प्रोफेसर एएन राय ने कहा कि शिक्षा के साथ ही सभी प्रकार की चीजों में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। ऐसे में जरुरी है कि हम गुड नॉलेज और स्किल के साथ अपने को पेश करें। उन्होंने कहा कि यदि हम यह नहीं कर सकते तो बदलते हुए परिवेश में हम अपने को आने वाले समय में आगे नहीं खड़ा कर पाएंगे। शिक्षा के मामले में भारत को विश्व का सेकेंड लार्जेस्ट सेक्टर बताते हुए उन्होंने कहा कि हायर एजुकेशन की कितनी संस्थाएं देश और विदेश में हैं। उन संस्थाओं में हमारी क्या स्थिति है। इस पर गौर करने की जरुरत है।
भारत होगा दुनिया का सबसे युवा देश
कुलाधिपति राज्यपाल राम नाइक ने दीक्षांत समारोह में डीडीयू के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यहां के छात्र-छात्राओं ने देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी नाम रोशन किया है। इसके बावजूद दुनिया के 200 विश्वविद्यालयों में भारत का एक भी विश्वविद्यालय शामिल नहीं है।
PHOTO BY: Vivek kumar
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