गोरखपुर. 12वें साउथ एशियन गेम्स (SAG) की शुरुआत हो चुकी है। इसमें हैंडबॉल गेम्स में देवरिया की रहने वाली मंजुला पाठक रेलवे को रिप्रजेंट कर रही हैं। वह बताती हैं कि उन्हें टीशर्ट, लोअर, जींस और हाफ पेंट पहनने पर ताने सुनने पड़ते थे। इसके बावजूद अर्जुन की तरह टार्गेट लगाने पर उन्हें सफलता मिली।
टीम को मानती हैं गोल्ड मेडल का हकदार
मंजुला ने कहा कि SAG में नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और मालदीव की टीमें भी हैंडबाल में हिस्सा ले रही हैं। वह अपनी टीम को गोल्ड मेडल के हकदार मानती हैं। उन्होंने कहा कि गर्ल्स के लिए स्पोर्ट्स में बहुत संभावनाएं हैं और कई सेक्टर्स में जॉब भी है।
स्कूल में गर्ल्स को हैंडबॉल खेलते देखे वह इंस्पायर हुईं
देवरिया जिले के लार रोड की रहने वाली मंजुला वर्तमान में गोरखपुर के रेलवे कॉलोनी में रहती हैं। स्कूल में लड़कियों को हैंडबाल खेलते देख वह इंस्पायर हुईं। क्लास 9 की पढ़ाई के दौरान ही स्पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया लखनऊ में उनका सिलेक्शन हो गया।
यहां रहते हुए साल 2010-14 तक हैंडबाल की स्टेट और नेशनल कंपीटिशन में पार्टिसिपेट किया। साल 2014 में स्पोर्ट्स कोटे से उन्हें रेलवे में जॉब मिली। वह जूनियर नेशनल में सीएम से प्राइज पा चुकी हैं।
अब बेटियों की बनी आइडियल
मंजुला ने कहा कि पूर्वांचल में रुढ़िवादिता गर्ल्स का पीछा नहीं छोड़ रही है। टीशर्ट, लोअर, जींस या हाफ पेंट पहनकर प्रैक्टिस के लिए घर से निकलने को लोग अच्छा नहीं मानते हैं। लेकिन, उन्हें पेरेंट्स का सहयोग मिला। कल तक जो लोग मजाक उड़ाते थे और कमेंट करते थे, आज वे तारीफ करते हैं। वह उनकी बेटियों की आइडियल बन गई हैं।
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