गोरखपुर. आगरा में हुए
धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर गोरखपुर के सांसद और गोरक्षपीठाधीश्वर महंत आदित्यनाथ ने दो टूक शब्दों में कहा कि 'हम धर्म परिवर्तन नहीं कराते-करते, ये उनकी घर वापसी है। उन्होंने कहा कि वे 25 दिसंबर को अलीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में जाएंगे। जो भी स्वेच्छा से घर आना चाहेगा उसका स्वागत है।
महंत आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में जो सरकार है वह हिन्दू विरोधी है। कुछ हिन्दू संगठनों द्वारा मुस्लिमों को हिन्दू बनाए जाने के आरोप को आदित्यनाथ ने ओछा कहा। उन्होंने कहा कि वहां एक बड़ा अभियान चला है। उन्हें लगता है कि सभी लोग स्वेच्छा से हिन्दू बने हैं। बाद में जैसा हाशिम अंसारी ने किया या उनके साथ हुआ वही यहां भी हुआ होगा। हाशिम अंसारी को तो किसी हिन्दू संगठन ने बयान देने के लिए नहीं प्रेरित किया था।
इसी प्रकार आगरा में भी हुआ। सरकार और उनसे जुड़े लोगों ने दबाव बनवाकर स्वेच्छा से घर लौटने वालों को हाशिम अंसारी की तरह ही बयान बदलने को मजबूर किया होगा। कोई स्वेच्छा से हवन कर रहा हो तो इसमें किसी हिन्दू संगठन का क्या दोष। वहीं, जहां तक रहा बीपीएल कार्ड बनाने का तो यह अधिकार तो प्रदेश सरकार या उससे जुड़े विभागों का है किसी हिन्दू संगठन के पास उसे जारी करने की परमिशन तो नहीं है।
आदित्यनाथ ने कहा कि किसी काल खंड में चले जाइए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक ही गोत्र से जुड़े लोग हैं। इसका मतलब है कि वो लोग हिन्दुओं से जुड़े हुए हैं और साफ़ जाहिर है कि वे हिन्दू धर्म से ही मुस्लिम बने हैं और वे इस बात को स्वीकार भी करते हैं। वो जब हिन्दुओं के कार्यक्रम में जाते हैं तो अपने गोत्र के कार्यक्रम में जाते हैं। वह कार्यक्रम भी उसी प्रकार का है।
फोटो: महंत आदित्यनाथ।