गोरखपुर. गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ शुक्रवार की रात को ब्रह्मलीन हो गए। नाथ पंथ की परंपरानुसार पीठ की गद्दी खाली नहीं रखी जाती, इसलिए महंत अवैद्यनाथ को रविवार की पूर्वाह्न समाधि दिए जाने से पहले योगी आदित्यनाथ का राजतिलक होगा और वे गोरक्षपीठाधीश्वर बनाए जाएंगे। राजतिलक कार्यक्रम अस्थल बोहर रोहतक हरियाणा के महंत योगी चांदनाथ जी महाराज और महामंत्री चेताईनाथ जी महाराज संपन्न करवाएंगे। चांद नाथ जी महाराज अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा के उपाध्यक्ष भी हैं।
मठ सेवकों से मिली जानकारी के मुताबिक महंत चांदनाथ जी महाराज और महंत चेताईनाथ जी महाराज शनिवार की शाम तक गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ पहुंच जाएंगे। इनके अलावा अन्य मठों के महंत भी राजतिलक समारोह में शामिल होंगे। आदित्यनाथ को पीठाधीश्वर बनाने के बाद ही ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ को मंदिर परिसर में ही ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की समाधि के बगल में समाधि दी जाएगी।
योगी आदित्यनाथ बने हैं उत्ताराधिकारी
महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी योगी आदित्यनाथ ने 1998 में सबसे कम उम्र का सांसद बनने का गौरव प्राप्त किया। योगी आदित्यनाथ ने \'हिंदू युवा वाहिनी\' का गठन किया जो हिंदू युवाओं को धार्मिक बनाने के लिए प्रेरणा देती है। महंत अवैद्यनाथ का गोरखपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में काफी प्रभाव था। चार बार सांसद रहे अवैद्यनाथ ने 1998 में योगी आदित्यनाथ को अपना राजनीति वारिस बनाया था। योगी तब से गोरखपुर का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं।
कौन बनता है महंत
गुरु गोरखनाथ जी के प्रतिनिधि के रूप में सम्मानित संत को महंत की उपाधि से विभूषित किया जाता है। इस मंदिर के प्रथम महंत श्री वरद्नाथ जी महाराज कहे जाते हैं, जो गुरु गोरखनाथ जी के शिष्य थे। वर्तमान समय में महंत श्री अवैद्यनाथ जी महाराज गोरक्ष पीठाधीश्वर के पद पर आसीन हैं।
फोटो: योगी आदित्यनाथ।