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पूरा हुआ महंत अवैद्यनाथ का 'तिय्या' कार्यक्रम, आदित्यनाथ ने पूरी की रश्म

7 वर्ष पहले
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तस्वीर में: तिय्या कार्यक्रम में आए लोग।
गोरखपुर. ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ को समाधि देने के बाद नाथ पंथ की परंपरा के अनुसार मंगलवार को समाधि स्थल पर ‘तिय्या' कार्यक्रम संपन्न हुआ। परंपरा के अनुसार संप्रदाय के बारह पंथों में एक गुजरात के गांधीनगर पीठ के सत्यनाथ पंथ के योगेश्वरों, 18 पंथ के महंत सोमवरनाथ की अगुवाई में इसे संपन्न कराया गया। गोरक्षपीठाधीश्वर महंत आदित्यनाथ ने महंत सोमवरनाथ का समाधि स्थल पर पांव पखारा और उनके दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाली सभी वस्तुओं का दान किया। सोमवरनाथ को महंत आदित्यनाथ ने अंबेस्डर कार भी दान स्वरूप दी।

मंगलवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर में नाथ पंथ के साथ-साथ सनातन पंथ के विभिन्न पंथों का जमावड़ा हुआ। कार्यक्रम के अनुसार ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी की समाधि पर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ महाराज के नेतृत्व में नाथ पंथ, अखाड़ों, जमात और सनातन पंथों के योगेश्वरों की टोली पहुंची। गोरक्षपीठाधीश्वर ने समाधि पर गंगाजल अर्पित कर घी की ज्योति जलाई। इसके पश्चात् विधिवत अनुष्ठान कार्य प्रारंभ हुआ।
पूजा के बाद किया प्रसाद ग्रहण
सबसे पहले गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने महंत अवैद्यनाथ जी के स्वरूप महंत सोमवारनाथ जी की पूजा करने के बाद प्रसाद अर्पण किया। उसके साथ ही सम्मान के रूप में दक्षिणा सहित अनेकों आवश्यकतानुसार नित्य प्रयोग की वस्तुएं प्रदान किया गया।

शरीर शांत होने पर निभाते हैं ‘तिय्या रश्म'
गांधीनगर, गुजरात मठ के सतनाथ पंथ के योगेश्वर होते हैं। ये सभी पंथों के योगेश्वरों के शरीर शांत होने पर उनकी समाधि स्थल पर पहुंचकर 'तिय्या' की रश्म संपन्न कराते हैं। खास बात ये है कि जब सतनाथ पंथ के योगेश्वरो में से किसी योगेश्वर का शरीर शांत होता है तो सिर्फ धर्मनाथ पंथ के योगेश्वर (नाथ संप्रदाय की विश्व प्रसिद्द पीठ गुरु गोरक्षनाथ पीठ के योगेश्वर ही इस ‘तिय्या कार्यक्रम को उनकी समाधि स्थल पर पहुंचकर संपन्न कराते हैं।
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