फोटो: समारोह के अंतर्गत छात्रा को सम्मानित करते हुए गोरखपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति अशोक कुमार और महंत योगी आदित्यनाथ।
गोरखपुर. महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्थापक सप्ताह समारोह के विशिष्ठ अतिथि गोरखपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर अशोक कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि की भूमिका का निर्वहन करते हुए 625 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि यूपी के राज्यपाल राम नाइक को शामिल होना था। ऐसे में कोहरे के चलते लखनऊ से ही उनकी फ्लाइट कैंसिल हो गई। राज्यपाल ने
मोबाइल के जरिए कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से अपने नहीं पहुंच पाने का खेद प्रकट किया। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि वे जल्द ही अपना आर्शीवचन देने के लिए छात्रों के सम्मुख उपस्थित होंगे।
गुरु गोरक्षनाथ मंदिर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरक्षपीठाधीश्वर महंत सांसद योगी आदित्यनाथ ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अशोक कुमार ने राज्यपाल की अनुपस्थिति में मुख्य अतिथि की भूमिका का निर्वहन किया। इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद सहोदर संस्थाएं हैं।
महंत आदित्यनाथ ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ जी महराज 1932 के गुलामी कालखंड में युगपुरूष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने यहीं परिकल्पना महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् की स्थापना करके की थी। इसे ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने पुष्पित और पल्लवित किया। अब यह उत्तरदायित्व मुझ पर है। ऐसे में मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि अपने पूर्व के संस्थापकों के आशीर्वाद से उनके संकल्प को पूरा करूंगा। उन्होंने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में संवेदनाएं कम हुई हैं, जिसके कारण जीवन के हर क्षेत्र का पतन भी हुआ है। इसके पहले विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर अशोक कुमार को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के एनसीसी कैडेट्स ने सलामी दी और मंच तक पहुंचाया।
मोबाइल पर क्या कहा यूपी के गवर्नर ने
कोहरे के कारण राम नाइक समारोह में नहीं पहुंच सके तो उन्होंने मोबाइल पर ही अपना संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मेरा अभिन्न संबंध ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज से रहा है। मैं महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् द्वारा चलाए जा रहे शैक्षणिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधित लोक कार्यक्रमों से भली-भांति परिचित हूं। शिक्षा परिषद् द्वारा मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रदान किए जाने वाले पारितोषिक वितरण कार्यक्रम में आने और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करने की मेरी बहुत इच्छा थी। इसके बाद भी घने कोहरे के कारण मैं नहीं आ सका। इसके लिए मैं सभी से क्षमा-प्रार्थी हूं।
आगे पढ़िए इन मेधावियों को समारोह में किया गया सम्मानित...