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IAS की बीवी ने भोजपुरी को दी पहचान, मिला पद्म श्री अवॉर्ड

5 वर्ष पहले
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वाराणसी. 65 पद्म अवॉर्ड विनर को सोमवार को प्रेसिडेंट ने सम्मानित किया। इसमें भोजपुरी लोक गायिका मालिनी अवस्थी को पद्मश्री अवॉर्ड दिया गया। कन्नौज के साधारण डॉक्टर परिवार में उनका जन्म हुआ था। उनके पति आईएएस अफसर हैं। उन्हें इंग्लैंड, अमेरिका, मॉरिशस, फिजी के साथ पाकिस्तान जैसे देशों में भोजपुरी लोक संगीत को पहुंचाने का श्रेय दिया जाता है।
उस्ताद राहत अली साहब से सीखा संगीत
मालिनी अवस्थी ने बताया कि उनके पिताजी डॉक्टर थे। उनका पूरा परिवार उनके जन्म के कुछ समय बाद ही गोरखपुर चला आया था। वहां उन्होंने इंटर तक की पढ़ाई की, इस बीच उनके पिताजी का ट्रांसफर कई जगहों पर होता रहा। उन्होंने अपने गुरु उस्ताद राहत अली साहब से संगीत की साधना सीखी।
मां की ख्वाहिश को किया पूरा
बचपन में मां की ख्वाहिश थी कि मालिनी क्लासिकल संगीत सीखे और लोगों तक पहुंचाए। उन्होंने बनारस में गिरजा देवी से ठुमरी सीखा। मालिनी ने कहा, 'भोजपुरी लोक संगीत पर अश्लीलता हावी होने लगी थी, तभी मैने ठान लिया कि मैं इस लोक गायिकी से अश्लीलता हटाकर भोजपुरी की मिठास को पूरी दुनिया में पहुंचाऊंगी।'

हाई प्रोफाइल लोगों को भोजपुरी से आती है शर्म
1988 में मालिनी की शादी हो गई, जिसके बाद एक हाई प्रोफाइल समाज उनके सामने था, जो भोजपुरी से हमेशा किनारा करता है। मालिनी ने बताया, 'पति अवनीश कुमार अवस्थी ने मुझे बहुत सपोर्ट किया। अफसर होने के बावजूद उन्होंने मुझसे कभी यह नहीं कहा कि भोजपुरी क्यों बोलती हो, क्यों गाती हो? जिसके कारण ही मैं विलुप्त होते लोकसंगीत को भारत के कोने-कोने में पहुंचाने में सफल रही।'

विदेशों में भी किया परफॉर्मेंस
मालिनी अवस्थी पहली बार 1998 में इंग्लैंड गईं। इसके बाद हॉलैंड, मॉरिशस, अमेरिका और पाकिस्तान से भी बुलावा आया। वाशिंगटन में भी उन्होंने लोग गायिकी का परफॉर्मेंस किया।
केंद्रीय चुनाव आयोग ने बनाया ब्रांड एम्बेसडर
मालिनी अवस्थी ने बताया कि लोकसंगीत में ख्याति के साथ उन्हें केंद्रीय चुनाव आयोग ने बड़ी जिम्मेदारी देते हुए अपना ब्रांड अंबेस्डर बना लिया। संगीत की साधना ने दुनिया में पहचान दिलाई। वे जहां भी परफॉर्म करने जाती हैं, वहां लोगों को मतदान के लिए जरूर अपील करती हैं।

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