गोरखपुर. मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में विधानसभा स्पीकर माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि बिजली संकट दूर करने के लिए इंजीनियरों को गैर परंपरागत ऊर्जा पर शोध कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने ये बातें शनिवार को एमएमएमयूटी में मैकेनिकल इंजीनियरों का दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के दौरान कही। इस अवसर पर इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स द्वारा हरित क्रांति पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि माता प्रसाद पांडेय ने सभी इंजीनियर्स को ईस्ट यूपी के विकास के लिए एक ऐसी हरित तकनीकी की खोज करने के लिए आगे आने का आह्वान किया जिससे बिजली संकट दूर हो सके और देश को एक नई दिशा मिले। उन्होंने यह भी कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि यूपी में प्रथम बार आयोजित होने वाला ‘द इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स’ का यह राष्ट्रीय अधिवेशन गोरखपुर, यांत्रिक अभियंत्रण विभाग के एमएमएमटीयू में किया जा रहा है।
इसके बाद इंजीनियर्स डॉ. विवेक देवीदास कल्याणकर और डॉ. रजनीश भारद्वाज को युवा इंजीनियर्स के अवॉर्ड से यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. ओंकार सिंह द्वारा सम्मानित किया गया। उद्घाटन सत्र में डॉ. एसके श्रीवास्तव, आयोजन सचिव ने उपस्थित लोगों को धन्यवाद दिया। उद्घाटन सत्र का अंत राष्ट्रगान गाकर किया गया।
गैर परंपरागत ऊर्जा शोध कार्य पर होगा समझौता
सेमिनार के दूसरे दिन सभी गैर परंपरागत ऊर्जा शोध कार्य के लिए समझौता होगा। दो दिवसीय सम्मेलन में इटली से आए डॉ. विनोद कुमार शर्मा द्वारा गैर परंपरागत ऊर्जा के क्षेत्र में ईएनईए इटली और एमएमएमयूटी गोरखपुर के बीच एक साथ मिलकर शोध और प्रशिक्षण कार्य के लिए महत्वपूर्ण समझौता होगा।
तस्वीर में: एमएमएमयूटी में नेशनल सेमिनार का उद्घाटन करते विधानसभा स्पीकर माता प्रसाद पांडेय और मौजूद अन्य लोग।