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VIDEO: यात्रि‍यों को सुरक्षि‍त पहुंचाने के लि‍ए ट्रेनों में लगा फॉग सेफ्टी डिवाइस

7 वर्ष पहले
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फाइल फोटो।
गोरखपुर. भीषण कोहरे में ट्रेनों के संचलन और यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्‍य तक पहुंचाने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) सतर्क हो गया है। एनईआर के सभी मेन रूट की एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के क्रू (लोको पायलट, गार्ड) को फॉग सेफ्टी डिवाइस दे दिया गया है। जिन ट्रेनों में यह डिवाइस नहीं दिया जा सका है वहां मैन्युअल उपाय किए गए हैं। इसके अतिरिक्त भी यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कुछ एहतियात बरता जा रहा है।
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ, बनारस और इज्जतनगर डिवीजन के सभी मेन रूटों छपरा टू लखनऊ वाया गोरखपुर और छपरा टू इलाहाबाद वाया वाराणसी होकर संचालित हो रही एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को फॉग सेफ्टी डिवाइस दिया गया है। इसके अतिरिक्त ट्रेनों के क्रू चाहें तो उन्हें डिवीजन के विभिन्न स्टेशनों से फॉग सेफ्टी डिवाइस मिल सकता है। यह डिवाइस क्रू को ट्रेन को संचालित करने में मदद करता है। दूसरी ओर, ट्रेनें देर से ही सही यात्रियों को उनके सुरक्षित गंतव्‍य तक पहुंचाएं इसके लिए रेलवे प्रशासन ने फॉग सेफ्टी डिवाइस के अतिरिक्त कुछ और भी व्यवस्था की है।
स्‍टेशन मास्‍टरों को उपलब्‍ध कराया गया है पटाखा
बताते चलें कि‍ कोहरे से नि‍पटने के लि‍ए स्टेशन मास्टरों को पटाखा उपलब्ध करा दिया गया है। स्टेशन मास्टर पहले होम सिग्नल से 270 मीटर पहले फॉगमैन को भेजकर कुछ-कुछ दूर पर तीन पटाखा रेल की पटरियों पर लगवाता है जिससे क्रू को ट्रेन को आगे बढ़ाने और सिग्नल को देखने में मदद मिलती है। ट्रेनों की अधि‍कतम रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे निर्धारित की गई है।
सि‍ग्‍नल पोस्‍टों पर लगाया गया है रि‍फ्लेक्‍टर
इसके अतिरिक्त क्रू जिस स्पीड पर ट्रेन को नियंत्रित करते हुए इस भीषण कोहरे में यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य स्थल तक पंहुचा सकता है वह लो स्पीड में ट्रेन को चला सकता है। वहीं, सिग्नल पोस्टों और ज़ेब्रा बोर्ड पर भी रि‍फ़्लेक्टर लगाया गया है। नदियों के पास जहां ज्यादा घना कोहरा है, वहां पर पाइलटिंग स्पीड से ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
आगे पढ़ि‍ए क्या है फॉग सेफ्टी डिवाइस