गोरखपुर. सरकार की तरफ से आम जनता के लिए शुरू की गई 108 की एम्बुलेंस सेवा पर कुछ प्राइवेट एम्बुलेंस पलीता लगा रहे हैं। ये एम्बुलेंस आपको जिला अस्पताल परिसर में ही खड़े दिख जाएंगे। प्राइवेट एम्बुलेंस लोगों से मरीज को ले जाने के लिए मनमाना पैसा वसूलते हैं। सारा खेल जिला प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है।
ज्ञात हो कि यूपी सरकार ने आम जन की सुविधा के लिए मुफ्त 108 एम्बुलेंस की सेवा शुरू की है। यह सुविधा महज 20 मिनट के अंदर मरीज तक पहुंचाने की है। सरकार के साथ-साथ अस्पताल प्रशासन के सामने चल रहे प्राइवेट एम्बुलेंस मरीजों को अस्पताल पहुंचाने या अस्पताल से दूसरी जगह ले जाने के लिए खूब वसूली करते हैं।
सरकारी अस्पताल के परिसर में खड़े प्राइवेट एम्बुलेंस को रोकने टोकने वाला कोई नहीं है। मामले के सामने आने के बाद सीएमएस ने भी परिसर में प्राइवेट एम्बुलेंस के खड़े होने की बात स्वीकारी है। उन्होंने कहा कि कई बार इन्हें परिसर से हटवाया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर ऐसे कोई खबर है तो परिसर से प्राइवेट एम्बुलेंस तत्काल ही हटवाई जाएंगी। इसके अलावा सीएमएस साहब का कहना था कि मरीजों को ले जाने के लिए उस समय प्राइवेट एम्बुलेंस अस्पताल परिसर में आ सकते हैं।
अब सवाल ये उठता है कि जब प्राइवेट एम्बुलेंस ही सेवा दे रहे हैं, तो प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए इतने पैसे खर्च करके 108 एम्बुलेंस सेवा शुरू करने का क्या मतलब है। एक 108 एम्बुलेंस ड्राइवर से बात करने पर उसने बताया कि प्राइवेट गाड़ियों के आने से लोग 108 का प्रयोग कम करने लगे हैं। उधर, सीएमएस का कहना है कि कई बार तो अस्पताल परिसर से प्राइवेट एम्बुलेंस को हटवाने पर वाहन चालक मार पीट पर उतारू हो जाते हैं।
आगे देखिए अस्पताल परिसर में खड़ी प्राइवेट एम्बुलेंस...