गोरखपुर पुलिस की गिरफ्त में आए बंटी और बबली के कारनामों का खुलासा करते अधिकारी (तस्वीर में)
- बाइक से लगा लुटेरे बंटी-बबली का सुराग
- क्या है बंटी-बबली के असली जीवन की कहानी
गोरखपुर. कैंट पुलिस ने खोराबार इलाके में इंजीनियर की बेटी को घायल कर लूट का खुलासा किया है। बंटी और बबली स्टाइल में प्रेमी-प्रेमिका ने लूट करने के बाद जेवरों का 25 लाख रुपए में सौदा किया था, लेकिन इसके पहले ही पुलिस ने गुरुवार को उन्हें दो अलग-अलग इलाकों से दबोच लिया। पुलिस ने अन्य इलाकों में लूट की कोशिश का भी खुलासा किया है।
खोराबार इलाके के सिद्धार्थ इन्क्लेव में तीन सितंबर को दिनदहाड़े इंजीनियर राधेश्याम शाही के घर लूट हुई थी। इस दौरान घर में अकेले रह रही उनकी बेटी शालू शाही को घायल कर बंटी और बबली ने लूट को अंजाम दिया था। दोनों उसी घर को निशाना बनाना चाह रहे थे, जिसमें महिलाएं अकेली हों। इससे वह आसानी से घर में घुस कर लूट कर सकेंगे।
वारदात का खुलासा करते हुए एसपी सिटी सत्येंद्र सिंह और एएसपी अजय पांडे ने बताया कि इंजीनियर के घर से बंटी-बबली ने जिन जेवरों को लूटा था, उनमें से चांदी के जेवरों को छोड़ दें, तो सोने के सभी जेवर आर्टिफिशियल थे। इस पर सुनहरे (सोने के रंग का पानी) रंग का पानी चढ़ा था। बंटी-बबली ने एक अखबार के वरिष्ठ संवाददाता अजय सिंह की पत्नी का पर्स छींन लिया था। पर्स में
मोबाइल, सोने का झाला, बाली और चार से पांच सौ रुपए नकद थे।
बाइक ने बताया बंटी-बबली का सुराग
बंटी और बबली कैसे काम करते थे के सवाल पर एसपी सिटी कहते हैं कि कमरा लेने के बहाने ये घरों की रेकी करते थे। सिद्धार्थ इन्क्लेव के तीन, दिव्यनगर के दो, सैनिक विहार के तीन घरों की इन्होंने रेकी की थी। इन्होंने पहली वारदात को सिद्धार्थ इन्क्लेव में सफलतापूर्वक अंजाम दिया। सैनिक विहार कॉलोनी दूसरा टारगेट था। इसके पहले चार सितंबर को पत्रकार की पत्नी का पर्स छीन लिया, जो खुलासे की वजह बना।
लूट को जिस बाइक से अंजाम दिया गया था, वह मोहद्दीपुर के मनोज कुमार गुप्ता की थी। इसे विनय गुप्ता ने यह कहकर मांगा था कि उसे अपनी पत्नी को इलाज के लिए लेकर डॉक्टर की क्लीनिक तारामंडल जाना है। बाइक से ही बंटी-बबली गिरफ्त में आ गए।
आगे पढ़िए, कैसे हुई थी इंजीनियर के घर लूट...