फोटो: पीडि़त महिला कांस्टेबल।
गोरखपुर. रविवार को गोरखपुर स्टेशन आरपीएफ के इंस्पेक्टर राजेश कुमार पर उन्हीं की एक अधीनस्थ महिला कांस्टेबल ने ड्यूटी के दौरान अश्लील हरकत और छेड़छाड़ किए जाने का आरोप लगाया है। महिला कांस्टेबल ने इस मामले की शिकायत रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक और रेलवे सुरक्षा बल एसोसिएशन के महासचिव से की है। महिला कांस्टेबल के पिता का आरोप है कि शिकायत को संज्ञान में लेकर आरोपी इंस्पेक्टर के विरूद्ध कार्रवाई करने के बजाय सीनियर डीएससी ने उनकी बेटी को ही नौकरी से हटाकर घर भेज दिए जाने की धमकी दी है।
महिला कांस्टेबल के पिता ने बताया कि उसकी बेटी महिला कांस्टेबल से इंस्पेक्टर पिछले कुछ दिनों से लगातार छेड़खानी कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी इंस्पेक्टर को तीन बार वार्निंग भी दे चुकी है। ऐसे में अनुशासित विभाग होने के कारण वह कहीं कुछ भी खुलकर नहीं बोल पा रही थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक बार गोंडा में दबिश के दौरान राजेश कुमार ने उनकी बेटी को अपने होटल के कमरे में बुलाया था लेकिन वह नहीं गई। उसके बाद से उसे ड्यूटी के नाम पर भी प्रताड़ित किया जाता है।
मुख्य सुरक्षा आयुक्त से कर चुकी है शिकायत
महिला कांस्टेबल के पिता ने बताया कि सबसे पहले उनकी बेटी ने इस मामले की शिकायत आरपीएफ एसोसिएशन से की। एसोसिएशन के लोगों ने इंस्पेक्टर को समझाया लेकिन वे अपनी हरकत से बाज नहीं आया इस घटना के बाद इंस्पेक्टर ने ड्यूटी में लापरवाही का आरोप लगाते हुए ए.सी. अनिरुद्ध चौधरी को रिपोर्ट दे दी। उन्होंने उसे बीते 3 सितंबर को चार्जशीट दे दी। महिला कांस्टेबल के पिता का कहना है कि यदि उनकी बेटी ड्यूटी में लापरवाही कर रही थी और अधिकारियों से अभद्र व्यवहार कर रही थी तो इसकी शिकायत पहले राजेश कुमार द्वारा क्यों नहीं की गई? महिला कांस्टेबल के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी के केस की निष्पक्ष जांच सीनियर डीएससी नहीं कर सकती है। इस मामले में मुख्य सुरक्षा आयुक्त ही निष्पक्ष जाच कर सकते हैं।
सीनियर डीएससी ने महिला कांस्टेबल को घर भेजने की दी धमकी
महिला कांस्टेबल के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने घटना की शिकायत मुख्य सुरक्षा आयुक्त से की है। उन्होंने इस घटना से सीनियर डीएससी सारिका मोहन को अवगत कराते हुए कहा कि यह मामला उनके डिवीजन का है। बीते 11 सितंबर को डीएससी सारिका मोहन ने उनकी बेटी को आरपीएफ प्रशिक्षण केंद्र पर बुलाकरधमकी दी कि क्या तुम अपने आरोपों को सिद्ध कर सकती हो? बेहतर यही है कि आरोप वापस ले लो नहीं तो घर भेज दिया जाएगा। फिलहाल, महिला कांस्टेबल को आरपीएफ पोस्ट से हटाकर उसे एडीएम पोस्ट पर तैनात किया गया है।
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