गोरखपुर. शुक्रवार की सुबह बेख़ौफ़ बदमाशों ने एक 70 वर्षीय रिटायर्ड बैंक कर्मचारी विश्वनाथ मिश्र की गोली मारकर हत्या कर दी। कैंट इलाके के डीआईजी बंगला के समीप गली में की हुई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी होते ही चंद फासले पर रह रहे मृतक के परिजन तुरंत मौके पर पहुंच गए। दूसरी ओर, घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस के आलाधिकारियों ने आनन-फानन में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मामले की छानबीन की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, महराजगंज के श्यामदेउरवा इलाके के लखिमा छावनी टोला शीतला निवासी विश्वनाथ मिश्र एसबीआई के मेन ब्रांच गोरखपुर से कैशियर पद से रिटायर थे। वे कैंट इलाके के बिलंदपुर स्थित डीआईजी बंगला के सामने की गली में मकान बनवाकर रह रहते थे। यहां उनके दो बेटे सुरेश मिश्र, विनोद कुमार मिश्र और बेवा बेटी रेनू भी अपने परिवार के साथ रहती है। विश्वनाथ के बड़े बेटे दिनेश मिश्र की ढाई साल पहले मौत हो चुकी है, जबकि रेनू के पति की ढाई साल पहले दिल्ली में हत्या कर दी गई थी। वहीं, बेटा विनोद ट्रेवेल के साथ ही सूद पर पैसा देने का भी कार्य करता है।
रोज की तरह सुबह निकले थे टहलने
बताते चलें कि रोज की तरह विश्वनाथ मिश्र शुक्रवार की सुबह टहलने के लिए घर से निकले थे। सवा छह बजे के आसपास जैसे ही डीआईजी बंगला के अंतिम छोर की तरफ पहुंचे, अज्ञात बदमाश उन्हें गोली मार कर फरार हो गए। गोली की आवाज सुनते ही आसपास के लोग जब लोग घर से निकले तो देखा कि विश्वनाथ मिश्र खून से लथपथ गिरे पड़े हैं। यह देखते ही लोगों ने इसकी सूचना उनके परिजनों और पुलिस को दी। इसके तुरंत बाद सीओ कैंट अजय पांडेय और इंस्पेक्टर कैंट सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
ललाट पर सटाकर मारी गई है गोली
बताया जा रहा है कि विश्वनाथ मिश्र के ललाट को टारगेट कर एक गोली मारी गई थी। गोली के निशान से ऐसा लग रहा था कि उन्हें काफी करीब से गोली मारी गई है। पूरे घटना क्रम में एक बात तो स्पष्ट लग रही थी कि हत्यारे को यह पूरी तरह से पता था कि विश्वनाथ मिश्र सुबह छह बजे के आसपास ही घर से टहलने के लिए निकलते हैं। यह भी बताया जा रहा है कि अपराधी उन्हें पहले से ही पहचानता भी होगा, क्योंकि इस समय मोहल्ले के कई और बुजुर्ग टहलने निकलते हैं। सबका मिलन डीआईजी बंगला के मोड़ पर होता है।
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