गोरखपुर में अधिकारियों के साथ मीटिंग करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह (तस्वीर में)
- जैविक खेती पर होगा जोर
- कृषि विकास के क्षेत्र में केंद्र सरकार की हैं अपनी सीमाएं
गोरखपुर. किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह गोरखपुर कृषि विश्वविद्यालय और विज्ञान केंद्र खोले जाने जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि यूपी की सपा सरकार केंद्र की कृषि विकास योजना के लिए में दिए गए करोड़ों रुपए में से 127 करोड़ रुपया खर्च नहीं कर सकी है। राज्य की सपा सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को मजबूत करने के लिए नारा नही निष्ठा से काम करना पड़ेगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने गोरखपुर सर्किट हाउस में सोमवार को केंद्र सरकार और कुमार नरेंद्रदेव कृषि विद्यालय के वैज्ञानिकों के साथ बैठक की। उन्होंने इसके बाद कहा कि देश का किसान गेहूं, धान, मक्का और बाजरा जैसी परम्परागत खेती से हटकर नकद मुनाफे की खेती करना चाहता है। सिंचाई के लिए पानी, मिट्टी की गुणवत्ता और उन्नत प्रजाति के बीच की समस्या इसके लिए आड़े आ रही है।
जैविक खेती पर होगा जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार तीन वर्ष में देश के 56 फीसदी इलाकों को सुविधाएं मिलेंगी। इसमें से सिंचाई दूर क्षेत्र को ‘प्रधानमंत्री सिंचाई योजना’ के तहत पानी देने, मिट्टी के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए ‘
मोबाइल स्वायल टेस्टिंग लैब’ और रिसर्च से उत्पादित उच्च किस्म के बीजों को किसानों तक पहुंचाकर कृषि उत्पादकता को बढ़ाएगी। उन्होंने आगे बताया कि इस दिशा में केंद्र सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देगी।
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