गोरखपुर/संतकबीरनगर. एसपी विजलेंस की टीम ने संतकबीरनगर से मदरसा मैनेजर के भतीजे को रिश्वत के 50 हजार रुपए और 9.50 लाख के चेक के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी मदरसे के बर्खास्त शिक्षक की बहाली के लिए अपने चाचा के कहने पर पैसा लेने कलेक्ट्रेट पहुंचा था।
क्या कहते हैं एसपी
एसपी विजलेंस गोरखपुर मंडल घनश्याम चौरसिया ने बताया कि मदरसा रिजबिया अहले सुन्नत रुस्तमपुर संतकबीरनगर के शिक्षक ने उन्हें सूचना दी कि वह उक्त मदरसे का शिक्षक है। 2012 में मदरसे के नए मैनेजर बस्ती निवासी मुस्लिम खान ने उसे और मदरसे के सभी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया था। बहाली के लिए वह अब प्रत्येक शिक्षक से 10 लाख रुपया मांग रहा है।
पैसा देने पर बहाली का दिया था भरोसा
उसका कहना है कि 2012 से अब तक की तनख्वाह की पूरी रकम वे उन्हें दे दें तो फिर से बहाली हो जाएगी। बदरूद्दीन ने लिखित शिकायत की थी। शिकायत पर कार्रवाई को अमल में ले आया गया। उसने इस बार फोन किया तो बदरूद्दीन ने टीम के प्लान के मुताबिक उसे कलेक्ट्रेट संतकबीरनगर के बाहर पैसा देने के लिए बुलाया।
खलीलाबाद लेकर गई टीम
मैनेजर के कहने पर उसका भतीजा पैसा लेने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचा। 50 हजार रुपया नकद जिस पर टीम द्वारा पहले केमिकल लगा था और 9.50 लाख का चेक दिया। उनके नेतृत्व में मौजूद टीम ने इरशाद अहमद को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। एसपी विजलेंस ने बताया कि अभियुक्त को कोतवाली खलीलाबाद टीम लेकर गई है। जहां आरोपियों के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 और 9 के तहत केस दर्ज कराया जाएगा।
थाने की फाइल फोटो।