तस्वीर में: ब्रह्मलीन महंत योगी अवैद्यनाथ के अंतिम दर्शन में शामिल गोरखनाथ के सांसद योगी आदित्यनाथ और सफेद शर्ट में स्वामी चिन्मयानंद।
गोरखपुर. ब्रह्मलीन महंत योगी अवैद्यनाथ के अंतिम दर्शन करने शनिवार को पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद गोरक्षनाथ मंदिर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने का जो संकल्प महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवैद्यनाथ ने लिया था वह संकल्प तीसरी पीढ़ी के योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में साकार करेंगे।
स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि गोरक्षपीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ महाराज ने राम मंदिर निर्माण के लिए राम जन्म भूमि आंदोलन की शुरुआत की थी। उस आंदोलन को उनके उत्तराधिकारी और पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ ने आगे बढ़ाया और शिखर तक पहुंचाया। वे इस आंदोलन के ऐसे प्रणेता रहे जिन्होंने कभी हार नहीं मानी। इस अधूरे कार्य को उनकी तीसरी पीढ़ी के गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ अयोध्या में राम मंदिर बनवाकर संकल्प को पूरा करेंगे।
स्वामी चिन्मयानंद ने एक प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा, ‘राम जन्म भूमि आंदोलन के दौरान एक बार मैं, पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ और रज्जु भइया को नैनीताल के एक जंगल में बनी जेल में डाल दिया गया था। तीन लोगों के अतिरिक्त कोई और नहीं था। तकरीबन 10 दिन तक वहां सभी को बंदी बनाकर रखा गया। एक रात उस स्थल पर शेर की दहाड़ की आवाज सुनाई दी। सभी की नींद टूटी तो सामने शेर था। उसे देखकर मैं और रज्जु भैया डर गए, जबकि महंत जी उसके पास गए। आंख में आंख डालकर कहा कि जो तुम हो वही हम हैं। कुछ देर तक सामने खड़े रहने के बाद शेर वापस चला गया।’
महंत अवैद्यनाथ ने अपने ऊपर राजनीति को कभी हावी होने नहीं दिया
स्वामी ने कहा कि महंत अवैद्यनाथ जी का आदर सभी वर्ग के लोग करते थे। उनकी सामाजिक समरसता का सबसे अच्छा उदाहरण उनके द्वारा काशी में डोमराजा के घर सहभोज आयोजित किया जाना है। महंत जी ने कभी भी अपने ऊपर राजनीति को हावी नहीं होने दिया, जबकि वे पांच बार गोरखपुर क्षेत्र के मानीराम से विधायक और चार बार गोरखपुर सदर सीट से सांसद रहे।
आगे पढ़िए महंत के अंतिम दर्शन के लिए कौन-कौन पहुंचा गोरखधाम...