गोरखपुर. कुशीनगर से अरेस्ट आईएस आतंकी रिजवान और उसके मददगारों की हर चाल को एटीएस नाकाम करती जा रही है। आतंकी के बालिग होने का बयान कुशीनगर के टीचर और तहसीलदार ने मुंबई स्थित एटीएस की कोर्ट में दे दिया है। कुशीनगर प्रशासन ने टीचर के द्वारा मुंबई जाकर अपना बयान दर्ज कराए जाने की पुष्टि की है। कागजी साक्ष्यों के आधार पर रिजवान की उम्र लगभग 23 साल है।
आईएस के लिए माड्यूल तैयार कर रहा था रिजवान…
जानकारी के अनुसार, रिजवान देश में आईएसआईएस चीफ बगदादी के लिए माड्यूल तैयार कर रहा था।
-जब एटीएस ने इसे पकड़कर मुंबई एटीएस कोर्ट में पेश किया तो कोर्ट ने नाबालिग होने के कारण उसे बाल सुधार गृह भेज दिया था।
-इसके बाद से एटीएस उसके बालिग होने के सुबूत जुटाने में जुट गई थी।
-कोर्ट के इस आदेश के बाद एटीएस टीम ने जिले में लगातार 4 दिनों तक डेरा डाला।
-फिर जब रिजवान का रिकॉर्ड खंगाला तो इस बात के प्रमाण मिले कि वह नाबालिग नहीं बालिग है।
नोटिस देकर कोर्ट ने तहसीलदार और शिक्षक को किया था तलब
एटीएस टीम ने मिले इस कागजी सुबूत के साथ मुंबई कोर्ट ने तहसीलदार नरेश चंद्र सहित प्राथमिक विद्यालय को नोटिस जारी कर तलब किया। कोर्ट ने इन दोनों से पूछा किया कि मतदाता पहचान पत्र और शैक्षणिक अभिलेख में दर्ज आतंकी की उम्र सही है तो दोनों ने इसे पूरी तरह से सही बताया।
बयान दिए जाने की तहसीलदार पडरौना नरेश चंद्र ने की पुष्टि
दस्तावेजों के हिसाब से पडरौना के पंचायत चुनाव 2010 में 18 वर्ष, 2012 के विधानसभा चुनाव के वोटर लिस्ट में 18 वर्ष, लोकसभा 2014 के चुनाव में 20 वर्ष और पंचायत चुनाव 2015 में 23 वर्ष है। तहसीलदार पडरौना नरेश चंद्र ने कहा, ‘एटीएस जो साक्ष्य ले गई थी उस बाबत कोर्ट ने पूछा। मैंने बताया कि यह प्रमाण पत्र सही हैं। इस पर अंकित उम्र भी सही है।’