फोटो: इंसेफ्लाइटिस मरीजों की जांच करते हुए अमेरिकी वैज्ञानिक।
गोरखपुर. पूर्वांचल में इंसेफ्लाइटिस और उससे लगातार हो रही मौतों की वजह तलाशने आयी सीडीसी (सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल) अटलांटा, अमेरिका के वैज्ञानिकों की टीम तीसरे दिन भी अपनी मुहिम में जुटी रही। टीम ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती इंसेफ्लाइटिस पीड़ित बच्चों के साथ ही कुशीनगर जाकर ग्राउंड स्तर पर भी इस बीमारी से संबंधित विवरण जुटाया।
अमेरिकी विशेषज्ञों की टीम गुरुवार को कुशीनगर पहुंची। टीम कुशीनगर के उन प्रभावित गांव की पीएचसी और सीएचसी पर गई जिस क्षेत्र से इंसेफ्लाइटिस के मरीज अधिकांश संख्या में बीआरडी मेडिकल कॉलेज आए हैं। टीम कुछ प्रभावित गांवों में भी गई और स्थानीय लोगों अथवा पीड़ित परिवारों से बातचीत की। कई जगहों से टीम ने नमूना भी लिया।
बताते चलें, इसके पूर्व टीम सबसे पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बीमारी के लक्षणों की पड़ताल करने के साथ ही जांच और इलाज के रिकॉर्ड भी टीम ने देखे। टीम नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में भी गई और जांच की व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद टीम बीते बुधवार को जिला हॉस्पिटल पहुंची और एसआइसी के साथ इंसेफेलाइटिस के मुद्दे पर वार्ता की।
बीमारी की जड़ तक पहुंचना चाहती है टीम
यूपी सरकार के अनुरोध पर आई अमेरिकी विशेषज्ञों की टीम अपने तरीके से बीमारी की जड़ तक पहुंचना चाहती है। वे एक-एक जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। बीते बुधवार को टीम ने मरीजों के परिजनों से उनके रहन-सहन, घर, पीने के पानी आदि की जानकारी ली। यह भी पूछा कि बीमारी की शुरुआत में मरीजों के क्या लक्षण सामने आए, कहां इलाज कराया, कैसे मेडिकल कॉलेज पहुंचे और यहां आने के बाद से अब तक क्या सुधार है? उन्होंने मरीजों की जांच के सभी रिकॉर्ड मसलन पैथालॉजिकल रिपोर्ट, सीटी स्कैन आदि की रिपोर्ट देखी।
आगे पढ़िए चल रही दवाओं से विदेशी डॉक्टरों की टीम नहीं है सहमत...