मतदाता कार्ड नहीं मतदाता सूची में नाम होना है जरूरी

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गोरखपुर. गोरखपुर और आजमगढ़ के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त किए गए अवेयरनेस प्रेक्षक डॉ.के. अंपड ने बताया कि मतदान के लिए लोगों का नाम एलेक्ट्रोरोल (मतदाता सूची) में होना जरूरी है। लोगों के पास एपिक (मतदाता कार्ड) हो यह जरूरी नहीं है।
इसके अतिरिक्त उन्‍होंने मतदाताओं को बूथों पर दी गई सुविधाओं के बारे में बताया। इससे वे मतदान केंद्र तक पहुंचे और अपने बहुमूल्य वोट का प्रयोग करें।
2009 में कम हुए मतदान की वजह ढूंढनें आए हैं
अवेयरनेस प्रेक्षक डॉ.के. अंपड ने कहा कि वे निर्वाचन आयोग के निर्देश पर ऐसे बूथों की जांच करने आए हैं जिन बूथों पर 2009 के लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत कम था। गोरखपुर सदर के बूथ संख्या 1, 2 , 3 और 4 के अतिरिक्त अन्य बूथों पर मतों का प्रतिशत कम था।
उनके मुताबिक इसका पहला कारण यह था कि इन बूथों के आसपास ज्यादातर सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारी रहते हैं। इनका कुछ दिन पहले ही ट्रांसफर हो गया था और नए लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ सका था।
दूसरा कारण रहा मतदाता सूची में मतदाताओं का फोटो न होना। जिन मतदाताओं की फोटो आसानी से बीएलओ को मिल गई उनका नाम तो सूची में रहा। शेष का नाम बीएलओ ने फोटो न होने की वजह से कटवा दिया था। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। मतदाता सूची ठीक कर ली गई है।
मतदाता सूची में एक बार जांच लें अपना नाम
डीएम रवि कुमार एन ने बताया कि इस बार दो लाख से अधिक मतदाता नए बने हैं। तकरीबन 6 हजार मतदाताओं को छोड़कर सभी को एपिक कार्ड दिया जा चुका है। उन्होंने वयस्क लोगों से एक बार अपने नाम की पड़ताल सूची में कर लेने की अपील की। यदि उनका नाम नहीं है तो फौरन फॉर्म भरकर मतदाता बन जाएं।