गोरखपुर. पिपराइच इलाके के कंचनपुर में बीते सोमवार को सरेराह की गई मजदूर रामराज की ह्त्या का खुलासा हो गया है। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही मामले में सफलता हासिल कर ली। पुलिस ने बताया कि रामराज अपनी कमाई का सारा धन अपनी एक प्रेमिका पर उड़ाता था। इससे परेशान होकर पत्नी ने अपने ही सगे भाई को 50 हजार रुपए की सुपारी देकर ह्त्या करवाई थी। ह्त्या में शामिल किराए के दो बदमाश अभी पुलिसिया गिरफ्त से दूर हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि तीन अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई है। मुखबिर की सूचना के आधार पर भटहट के पास से मंगलवार को बेचन निषाद को गिरफ्तार किया। बेचन ने पहले आना कानी की फिर बाद में बताया कि उसने ही दो सहयोगियों के साथ मिलकर अपने जीजा की हत्या की। सहयोगियों को उसने 50 हजार रुपए की सुपारी दी थी। ह्त्या उसकी बहन और मजदूर रामराज की पत्नी चंद्रावती ने करवाई है। पैसा भी उसी ने उसे दिया है।
घटना के कारणों की बाबत अभियुक्त ने बताया कि रामराज उसका जीजा है। रामराज अपनी कमाई का सारा धन अपने ही गांव की एक महिला पर खर्च करता था। वह अपनी पत्नी और बच्चों को एक पैसा भी नहीं देता था। परेशान होकर उसकी बहन ने रामराज की हरकतों की जानकारी उसे दी। बहन चंद्रावती ने बताया कि उसके जीजा का तीन बार एक्सिडेंट हो चुका है। इसलिए उन्होंने सोचा कि इसी का बहाना लगाकर रामराज की हत्या कर दी जाए, ताकि कोई शव न कर सके।
छह दिन पहले बनी योजना के तहत सोमवार की सुबह जैसे ही जुगाड़ गाड़ी पर भूसा लोड कर रामराज शहर के लिए निकला। एक मोटरसाइकिल पर सवार बेचन निषाद ने अपने साथियों सिकंदर और हिरावन के साथ पीछा किया। पिपराइच इलाके के कंचनपुर चौराहे से आगे बढ़ने पर चलती गाड़ी से सिकंदर और हिरावन ने डंडे से रामराज के सर पर पीछे से प्रहार किया। उसके बाद तीनों ने मिलकर राम राज की ईंट पत्थर से कूच कर हत्या कर दी।
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