फोटो: योगी आदित्यनाथ का राजतिलक करते महंत।
गोरखपुर. बीजेपी के फायर ब्रांड नेता और गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ कारविवार को गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर के रूप में राजतिलक किया गया। नाथ संप्रदाय के पांच महंतों ने विधिवत उनका अभिषेक किया (दूसरे स्लाइड में देखिए वीडियो)। राजतिलक के बाद आदित्यनाथ के नाम के आगे 'महंत' जुड़ गया। नाथ पंथ की गद्दी संभालने के बाद आदित्यनाथ योगी से महंत आदित्यनाथ बन गए। सुबह करीब 11 बजे के बाद महंत अवैद्यनाथ को समाधि दी जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, बीजेपी के फायर ब्रांड नेता का अभिषेक हरियाणा के महंत योगी चांदनाथ जी महाराज और महामंत्री चेताईनाथ जी महाराज ने किया। चांद नाथ जी महाराज अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा के उपाध्यक्ष भी हैं। मठ सेवकों से मिली जानकारी के मुताबिक, महंत चांदनाथ जी महाराज और महंत चेताईनाथ जी महाराज शनिवार की शाम को गोरक्षपीठ पहुंच गए थे। इनके अलावा अन्य मठों के महंत भी राजतिलक समारोह में शामिल हुए।
कैसे हुआ राजतिलक का कार्यक्रम
नाथ पंथ की परम्परा के अनुसार, गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी योगी आदित्यनाथ का विभिन्न मठों के पीठाधीश्वरों ने राजतिलक किया। पांच गृहस्थों ने योगी को उठाकर गद्दी पर बैठाया। उसके बाद उन्हें तिलक लगाया गया। मंहतों ने उन्हें अंग-वस्त्र भेंट किए। राजतिलक की प्रक्रिया में गृहस्थ अरूणेश शाही, धर्मेन्द्रनाथ वर्मा, पुष्पदन्त जैन, मारकण्डेय यादव और राजा बाबू शामिल थे।
शुक्रवार को हो गए थे ब्रह्मलीन
बताते चलें कि गोरक्षपीठ के महंत अवैद्यनाथ शुक्रवार को ब्रह्मलीन हो गए थे। उन्हें राम जन्म भूमि आंदोलन का अग्रणी नेता माना जाता था। शनिवार को उनके अंतिम दर्शन के लिए कई कद्दावर नेता गोरक्षपीठ पहुंचे थे। योगी आदित्यनाथ के अभिषेक के बाद रविवार को उन्हें मंदिर परिसर में ही समाधि दी जाएगी। गौरतलब है कि यहां महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज को भी समाधि दी गई थी।
योगी आदित्यनाथ बने हैं उत्तराधिकारी
महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी योगी आदित्यनाथ ने 1998 में सबसे कम उम्र का सांसद बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने 'हिंदू युवा वाहिनी' का गठन किया, जो हिंदू युवाओं को धार्मिक बनने के लिए प्रेरणा देती है। महंत अवैद्यनाथ का गोरखपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में काफी प्रभाव था। चार बार सांसद रहे अवैद्यनाथ ने 1998 में योगी आदित्यनाथ को अपना राजनैतिक वारिस बनाया था। योगी तब से गोरखपुर का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं।
कौन बनता है महंत
गुरु गोरखनाथ जी के प्रतिनिधि के रूप में सम्मानित संत को महंत की उपाधि से सम्मानित किया जाता है। इस मंदिर के पहले महंत श्री वरद्नाथ जी महाराज कहे जाते हैं, जो गुरु गोरखनाथ जी के शिष्य थे। वर्तमान समय में महंत श्री अवैद्यनाथ जी महाराज के ब्रह्मलीन होने के बाद यह गद्दी खाली है। इसके लिए रविवार को योगी आदित्यनाथ का अभिषेक किया गया।
आगे की स्लाइड्स में देखिए, योगी आदित्यनाथ के राजतिलक का वीडियो और कुछ अन्य तस्वीरें...