बुंदेलखंड में 5.2 लाख गायों में एनिमिक की कमी, बाबा रामदेव खोलेंगे गौ संरक्षण केंद्र

4 वर्ष पहले
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झांसी. यूपी के बुंदेलखंड में एनिमिक की वजह से गायों की मौत हो रही है । गौवंश के संरक्षण के लिए जल्द ही यहां कोई कार्य योजना नहीं लागू हुई तो 5.2 लाख से ज्यादा गाएं भूसे और पानी की कमी के चलते कुपोषण का शिकर हो जाएंगी। योग गुरू रामदेव ने बुंदेलखंड के किसानों को अन्ना जानवरों से मुक्ति दिलाने के लिए पहल की है। अन्ना जानवरों की समस्या से किसानों को मुक्ति दिलाने की दिशा में हमीरपुर जिला प्रशासन ने 2 गांवों की जमीन चिन्हित कर शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।
 
बुंदेलखंड में गौ संरक्षण केंद्र खोलने का है प्रस्ताव
- बाबा रामदेव के इस प्रस्ताव पर बुंदेलखंड के सभी जिलों में जमीन की तलाश शुरू हो गई है। हमीरपुर जिला प्रशासन ने 2 गांव में जमीन तलाशने के बाद केंद्र खोलने के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी है।
- बता दें, यूपी में बीजेपी सरकार आने के बाद रामदेव ने बुंदेलखंड में अन्ना जानवरों की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, "अन्ना जानवरों की वजह से किसान तबाह हो रहे हैं और आत्महत्या करने को विवश हैं। ऐसे में बुंदेलखंड में गौ संरक्षण केंद्र खोलकर किसानों को राहत दी जा सकती है, साथ ही गो संवर्धन की दिशा में भी प्रस्ताव किया जा सकता है।"
- रामदेव ने सीएम योगी को प्रस्ताव दिया है कि प्रशासन जलयुक्त जमीन उपलब्ध करा दें तो वह बुंदेलखंड में गौ संरक्षण केंद्र खोलेंगे जन सुनवाई के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड के सभी जिलों में पत्र भेज जमीन की तलाश करने को कहा था।
- इस पर हमीरपुर एसडीएम सदर ने नजरपुर में 2 हेक्टेयर जमीन तलाश की है। उधर मौदहा SDM ने बजेहटा गांव में 4 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराने की रिपोर्ट डीएम को दी है। प्रशासन ने बजेहटा और नजरपुर में तलाशी गई जमीन की सूचना शासन को भेजी है।
 
डीएम ने क्या कहा
हमीरपुर DM डॉक्टर मन्नान अख्तर ने बताया, "जन  सुनवाई के तहत अन्ना समस्या के निस्तारण में स्वामी रामदेव ने गौ संरक्षण केंद्र खोलने के लिए जमीन मांगी है। शासन से पत्र आने पर 2 गांव में जमीन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।"
 
पशु डॉक्टर का क्या है कहना
मुख्य पशु डॉक्टर योगेन्द्र सिंह तोमर ने बताया, "बुंदेलखंड में ज्यादातर गायों की मौत का कारण ‘एनिमिक’ है। एनिमिक गायों में तब होता है जब उन्हें पर्याप्त भूसा और पानी न मिले। अभी सरकार की ओर से जनपद की किसी भी डेरी में कोई सुविधा नहीं की गई है।"
 
कई पशु राहत केंद्र खुलने के बाद भी नहीं सुधरे हालात
बीते सालों में सूखा पड़ने की वजह से बुंदेलखंड में गौशालाओं की बाढ़ आ गई है। 7 जनपदों में 150 से ज्यादा पशु राहत केंद्र खोले गए लेकिन गायों के हालात नहीं सुधरी।
 
बुंदेलखंड में अन्ना पशुओं की संख्या
- झांसी - 15000
- ललितपुर - 100000
- जालौन - 60000
- बांदा - 81495
- चित्रकूट - 110000
- हमीरपुर - 70450
- महोबा - 85000
 
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