महोबा. महोबा के कुलपहाड़ के जूनियर डिवीजन सिविल जज अंकित गोयल को निलंबित कर दिया गया है। कहा गया है कि वह न्यायिक कार्यों में अविवेकपूर्ण फैसले लेते हैं, इसलिए उन्हें निलंबित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि चीफ जस्टिस के आदेश पर उन पर यह कार्रवाई की गई है।
मुलायम सिंह यादव को दिया था नोटिस
कुलपहाड़ के सिविल जज अंकित गोयल सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के रेप पर बयान को लेकर नोटिस जारी कर चर्चा में आए थे। उन्होंने सितंबर 2015 को मुलायम सिंह के खिलाफ नोटिस जारी कर हाज़िर होने को कहा था। इसके बाद उनके मकान मालिक को मकान खाली कराए जाने को लेकर धमकी दी गई थी। एक सपा नेता द्वारा धमकी दिए जाने के मामले में उन्होंने फिर से मुलायम सिंह यादव को तलब किया था।
अरुण जेटली के खिलाफ भी दायर किया था परिवाद
उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ भी परिवाद दायर किया था। अरुण जेटली ने जजों की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट को लेकर कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला लोकतंत्र पर कुठोराघात है। इस पर सिविल जज ने 19 अक्टूबर, 2015 को अरुण जेटली के बयान को खुद संज्ञान में लेकर उनके खिलाफ धारा 124A व IPC 505 के तहत मामला दर्ज किया था।
कई मामलों में दायर कर चुके हैं परिवाद
इसी बीच विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खान के खिलाफ एक अधिवक्ता द्वारा दायर किये गए परिवाद को भी उन्होंने मंजूर किया था। उन्होंने बुंदेलखंड में अवैध खनन को लेकर भी वाद दायर किया था।
निलंबन की निंदा
सिविल जज को निलंबित किये जाने की निंदा की जा रही है। महोबा के अधिवक्ताओं का कहना है कि अगर एक जज को निलंबित कर दिया जाता है तो फिर स्वतंत्रता किस बात की। ऐसा किया जाना गलत है।
फोटो: कोर्ट की फाइल फोटो। इनसेट में जज अंकित गोयल।