--Advertisement--

कभी लाल बत्‍ती, आगे-पीछे गार्डों के साथ चलता था ये पूर्व मंत्री, आज देखें हाल

Dainik Bhaskar

Jan 19, 2017, 01:50 PM IST

यूपी में विधानसभा चुनाव के लिए पहली वोटिंग 11 फरवरी को की जाएगी। सपा, बीजेपी और बसपा ने अपने कैंडिडेट्स की लिस्‍ट जारी कर दी है।

UPELE condition of former minister of mayawati government
हमीरपुर. यूपी में विधानसभा चुनाव के लिए पहली वोटिंग 11 फरवरी को की जाएगी। सपा, बीजेपी और बसपा ने अपने कैंडिडेट्स की लिस्‍ट जारी कर दी है। dainikbhaskar.com आपको एक ऐसे नेता के बारे में बताने जा रहे हैं जो कभी लाल बत्‍ती लगी सरकारी गाड़ी से शान से चलते थे, आगे-पीछे पुलिस और लोगों की भीड़ लगी रहती थी। लेकिन आज उनकी हालत ये है कि बेटे की कमाई पर घर चल रहा है।

बसपा से टिकट नहीं मिलने के बाद छोड़ दी राजनीति

- हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे के रहने वाले बशीरुद्दीन कभी ईमानदार नेता के रूप में जाने जाते थे।
- 1980 के दशक में राजनीति में आए बशीरुद्दीन पहली बार साल 1991 में मौदहा सीट पर बसपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े।
- लेकिन बीजेपी के प्रत्याशी बादशाह सिंह ने 26,138 वोट से उन्‍हें हरा दिया। हारने के बाद भी 18 हजार से ज्‍यादा वोट पाने वाले बशीरुद्दीन चर्चा में आ गए।
- 1993 में बसपा ने उन्हें मौदहा सीट से दोबारा से टिकट दिया। इस बार उन्होंने बादशाह सिंह से हिसाब पूरा कर लिया और जीत हासिल की।
- साल 1995 में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनने पर मायावती ने विधायक बशीरुद्दीन को मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया दिया।
- इसके साथ ही वह अल्पसंख्यक कल्याण, वक्फ एवं हज विभाग के साथ 3 अन्य विभागों के चेयरमैन भी रहे।
- बशीरुद्दीन कहते हैं, 1996 के विधानसभा चुनाव में मुझे बसपा से टिकट की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दिया।
- बसपा से टिकट नहीं मिलने पर मुझे इतनी ठेस पहुंची कि राजनीति से संन्यास ले लिया। उसके बाद से आजतक किसी भी राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा नहीं लिया।

अब सड़कों पर पैदल घूमते हैं बशीरुद्दीन

- हमीरपुर के रहने वाले लोग बताते हैं- बशीरुद्दीन कभी अपनी विधायकी और मंत्री वाली शान-शौकत के लिए जाने-जाते थे। उन पर इलाके के लोगों को गर्व था।
- अब हालात ये है कि बशीरुद्दीन एकदम आम इंसान हो गए। सब्जी खरीदनी हो या कोई और काम हो तो अकेले ही स्टिक लेकर पैदल सड़क पर निकल पड़ते हैं।
- कहीं अखबार मिल जाए तो सड़क किनारे बैठ पढ़ लेते हैं। इलाके में वह ईमानदारी और सादगी के लिए मशहूर हैं।
- बशीरुद्दीन कहते हैं- अब जमाना बदल गया है। जिस व्‍यक्ति के पैसे न हो, उसकी लोगों को कोई कद्र नहीं होती।
- बता दें, पूर्व मंत्री के दो बेटे हैं। एक बेटा सउदी अरब में नौकरी करता है। उसी की पगार से घर का खर्च चलता है।
- एक और बेटा है, जो प्राइवेट कम्पनी में नौकरी करता है। पैसे लेकर टिकट काटने और बांटने की राजनीति ने ईमानदारी को खत्‍म कर दिया।

आगे की स्‍लाइड्स में देखें पूर्व मंत्री के हाल की फोटोज...
X
UPELE condition of former minister of mayawati government
Astrology

Recommended

Click to listen..