कानपुर. सीएम अखिलेश यादव गुरुवार को गंगा बैराज के पास प्रस्तावित ट्रांसगंगा हाईटेक सिटी का शिलान्यास करेंगे। इसके लिए यूपीएसआईडीसी, उन्नाव जिला प्रशासन और कानपुर डिवेलपमेंट अथॉरिटी (केडीए) ने पूरा जोर लगा दिया है। मंगलवार को औद्योगिक विकास आयुक्त संजीव शरण ने लक्ष्मीखेड़ा गांव में तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि कानपुर में आबादी का काफी दबाव होने के कारण 'फ्यूचर सिटी' यही है। इसकी लोकेशन बेहतरीन है।
जिस जमीन पर ट्रांसगंगा हाईटेक सिटी बसाई जा रही है, उसे पहले स्पेशल इकोनॉमिक जोन के लिए चिन्हित किया गया था। बाद में यह काम आगे न बढ़ पाने पर किसानों से मुआवजे पर तकरार चलती रही। बीते महीनों में यूपीएसआईडीसी ने किसानों को ज्यादा मुआवजा देकर जमीन पर कब्जा ले लिया। यहां पहले से ही ट्रांसगंगा सिटी प्रस्तावित थी। अब इसका नाम बदलकर 'ट्रांसगंगा हाईटेक सिटी' कर दिया गया है।
छह महीने में पूरी होगी लैंडस्केपिंग
यूपीएसआईडीसी के एमडी मनोज सिंह ने बताया कि जमीन की लैंडस्केपिंग 6 महीने में पूरी हो जाएगी। अगले 18 महीने में यहां सारी बुनियादी सुविधाएं मुहैया करा दी जाएंगी। नमूने के तौर पर 45 फ्लोर की एक बिल्डिंग भी बनाई जाएगी।
बनेंगे स्कूल, अस्पताल और मार्केट
यूपीएसआईडीसी ने गंगा बैराज कानपुर से सटे 3 गांवों लक्ष्मीखेड़ा, कनवापुर और मनमौना की 1156 एकड़ जमीन अधिग्रहित की है। यहां अभी अमरूद के बाग हैं। संजीव शरण के मुताबिक, 11 दिसंबर की सुबह 11 बजे सीएम प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे। यहां हॉस्पिटल, स्कूल, मार्केट और घरों की सारी सुविधाएं डिवेलप की जाएंगी।
ईको फ्रेंडली होगी सिटी
मिक्स लैंड यूज वाले इस प्रोजेक्ट में हर तरह की सुविधा होगी। यहां रेजिडेंशल, इंडस्ट्रियल और इंस्टिट्यूशनल टावर्स होंगे। ऑफिस बनाने के लिए यहां हाईराइज बिल्डिंग तैयार की जाएंगी। ऑटो एक्सपो एग्जिबिशन सेंटर के अलावा यह सिटी पूरी तरह ईको फ्रेंडली होगी। यहां कचरे और सीवेज का अंदर ही ट्रीटमेंट होगा। शरण के मुताबिक, फोर्टिस ग्रुप ने यहां हॉस्पिटल और एमिटी ग्रुप ने यूनिवर्सिटी स्थापित करने में दिलचस्पी दिखाई है। नियमों के तहत कई और विदेशी कंपनियों ने यहां इन्वेस्टमेंट करने की बात कही है।
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