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भाई पर लगा दहेज उत्पीड़न का आरोप, तो जज बहन ने रच दी झूठी रेप की कहानी

7 वर्ष पहले
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फाइल फोटो: अलीगढ़ की सिविल जज रिंकू जिंदल।
कानपुर/फर्रुखाबाद. उत्‍तर प्रदेश के अलीगढ़ की महिला सिविल जज रिंकू जिंदल ने अपने साथ रेप का जो आरोप लगाया था, वह फर्जी निकला है। जज ने अपने भाई धीरज जिंदल को दहेज उत्पीड़न के आरोपों से बचाने के लिए इस बारे में झूठी कहानी रची थी। 12 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में हुई मामले की सुनवाई के बाद पीडि़त परिवार ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। कोर्ट ने मामले को फर्जी करार देते हुए जज को अपने पद का गलत इस्तेमाल करने के लिए फटकार भी लगाई। कोर्ट ने मामले में सीबीआई जांच का आदेश देने के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
क्‍या है मामला?
यह मामला फर्रुखाबाद का है। कारोबारी राम प्रताप गुप्ता की बेटी रागिनी गुप्ता की शादी 30 मई 2012 को धीरज जिंदल के साथ हुई थी। बेटी की शादी में गुप्ता ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी। उन्होंने 10 लाख रुपए से ज्यादा खर्च किए थे। उनके मुताबिक, शादी के कुछ दिनों बाद ही रागिनी के ससुरालवालों ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। वे दहेज के लिए उस पर दबाव बनाने लगे। पैसे नहीं मिलने पर उन्होंने रागिनी की पिटाई की और उसे घर से निकाल दिया। गुप्‍ता का यह भी आरोप था कि रा‍गिनी के ससुरालवालों ने जबर्दस्‍ती उसका गर्भपात करवा दिया था। इसके बाद 9 दिसंबर 2012 को रागिनी के परिजन उसे फर्रुखाबाद ले आए।
दाखिल किया था दहेज उत्पीड़न का केस
घर लौटने के कुछ दिनों बाद रागिनी ने ससुरालवालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। फतेहगढ़ के महिला थाने में उसने पति धीरज जिंदल, ननद रिंकू जिंदल, ससुर विनय कुमार जिंदल और सास स्वदेश जिंदल के खिलाफ धारा 498-अ, 323, 504, 313 और 3/4 के तहत रिपोर्ट लिखवाई थी। इसके अलावा पांच अन्य मामले भी दर्ज कराए गए थे। फिलहाल सभी मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।
महिला जज ने रची थी साजिश
रागिनी ने जब दहेज उत्‍पीड़न का केस दर्ज कराया था तब जज रिंकू जिंदल आगरा में एसीजेएम पद पर तैनात थीं। उन्होंने फतेहगढ़ की तत्कालीन महिला एसओ सुभद्रा वर्मा पर केस खत्म करने का दबाव बनाया था। एसओ ने इसकी शिकायत थाने की जीडी में दर्ज करा दी। रागिनी के मुताबिक, महिला एसओ पर दबाव बनाने में नाकाम रहने पर रिंकू जिंदल ने 19 जुलाई 2013 को आगरा के हरीपर्वत थाने में उसके भाइयों के खिलाफ हत्या की कोशिश, धमकाने और लूट का केस दर्ज करा दिया था।
रची रेप की फर्जी कहानी
महिला जज ने रागिनी के भाइयों को फंसाने के लिए अपने रेप की फर्जी कहानी रची। उसने 2 जून 2014 को रागिनी के भाइयों पर रेप के संगीन आरोप लगाए और उनके खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। यूपी में एक के बाद एक रेप की वारदातों के बीच इस मामले ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं। मामला संवेदनशील हो गया और रागिनी के भाइयों को गिरफ्तार करने का दबाव बढ़ गया था।
आगे की स्लाइड में पढ़ें, आरोप साबित नहीं होने पर कोर्ट ने मामले को कर दिया था स्पंज।