कानपुर. द्वापरयुग में भगवान कृष्ण ने जेल में जन्म लेकर राक्षसों का संहार किया था। अपने मामा कंस को मारकर मां और पिता को जेल से रिहा कराया था। कुछ ऐसी ही कहानी कानपुर के एक मां-बेटे की है। बस इतना ही अंतर है कि इस कहानी में कंस कोई शख्स नहीं बल्कि व्यवस्था है। जेल में अपनी मां की कोख से जन्मे इस कन्हैया ने करीब 20 साल बाद अपनी मां के जेल से रिहा कराया है।
जानकारी के मुताबिक, इस मां ने बीस साल पहले लखनऊ की जेल में अपने बच्चे को जन्म दिया था। ममता की छांव से महरूम अपने बीस साल के बच्चे को अपने हाथो से खाना खिलाते देख किसी को भी हैरानी हो सकती है, लेकिन ये सच है। इस मां को ये मौक़ा मिला है बीस साल बाद। यही वजह है कि वह अपना सारा प्यार और दुलार अपने बच्चे पर लूटा देना चाहती है।
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