कानपुर. यूपी की राज्य महिला आयोग की सदस्य के सामने एक ही परिवार की लड़कियों द्वारा शिकायत करना इतना महंगा पड़ेगा इसकी कल्पना भी नहीं की थी। लड़कियों ने जिस हिस्ट्रीशीटर के दबंगई की पीड़ा आयोग की सदस्य सुमन दिवाकर के सामने बीते बुधवार को रो-रो कर की थी। शनिवार को उसी दबंग ने अपने गुर्गो के साथ घर में घुसकर पूरे परिवार को जमकर पीटा। मामले के गंभीरता से लेते हुए सुमन दिवाकर ने तत्काल सीओ फीलखाना रोहित मिश्रा को फोनकर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद अचानक उन्होंने सीओ को खरी-खरी भी खूब सुनाई।
दबंगो ने घर के पुरुषों को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। जब महिलाओं ने बीच बचाव करने की कोशिश की तो दबंगो ने उनको भी घर से बाहर खींचकर सड़क पर गिरा-गिरा कर पीटा। इसमें ज्ञानेंद्र शुक्ला (55), नीलिमा शुक्ला (45), अरविंद शुक्ला (40), राधा शुक्ला (38), प्रिया शुक्ला (17), प्रियंका शुक्ला (18), प्रथम शुक्ला (7), और प्रियांशु (13) शामिल हैं।
घायल अरविंद शुक्ला के मुताबिक करीब नौ बजे रात को अचानक कुछ लोग जबरदस्ती घर में घुस आए। इसके बाद लोगों ने बिना कुछ बोले परिवार के सभी लोगों को पीटने लगे। घर की महिलाओं को भी बुरी तरह पीटा। दबंग पीटते हुए बोल रहे थे कि महिला आयोग से शिकायत की थी अब बुलाओ। पुलिस और सरकार सब मेरे साथ है।
बीते बुधवार को कानपुर के सर्किट हाउस में राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन दिवाकर आई थीं। वहां इनकी बेटी प्रिया शुक्ला ने महिला आयोग की अदालत में सुमन दिवाकर के सामने हिस्ट्रीशीटर बच्चा यादव के दबंगई के बारे में बताया था। बताते चलें, अपनी पीड़ा बताते हुए प्रिया आयोग के सामने फफक कर रो पड़ी थी।
प्रिया के मुताबिक, उनके मोहल्ले का एक दबंग युवक जिसका नाम बच्चा गुरु है। वो आए दिन उनके घर पर आकर मारपीट करता है। इतना ही नहीं इनके मुताबिक, एक दिन दबंग ने इन बहनों को अपने गुर्गो के साथ मिलकर घर के बाहर खींचकर मार-पीट की और कपड़े फाड़कर अर्धनग्न कर दिया।
फोटो: राज्य महिला आयोग सदस्य सुमन दिवाकर के सामने रो-रोकर पीड़ा सुनातीं लड़कियां।