पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Court Ban Charged Manisha's Pregnancy Test Kanpur Latest News Hindi

ज्‍योति हत्‍याकांड: वकीलों की गुहार पर कोर्ट ने आरोपी मनीषा के प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट पर लगाई रोक

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कानपुर. कानपुर के हाई प्रोफाइल ज्योति हत्याकांड में बुधवार को बड़े ही नाटकीय ढंग से एक नया मोड़ आ गया। सीएमएम कोर्ट में वकीलों द्वारा हत्‍याकांड के मुख्य अभियुक्त पीयूष के साथ शामिल मनीषा माखीजा के प्रेग्नेंसी टेस्ट नहीं कराए जाने की गुहार लगाई गई। इस पर कोर्ट ने मुहर लगाते हुए इस टेस्ट पर रोक लगा दी है।

पिछले कुछ दिनों से मनीषा माखीजा के प्रेग्नेंसी टेस्ट नहीं करवाए जाने पर पुलिस प्रशासन पर उंगली उठाए जाते रहे। लेकिन, बुधवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान मृतक ज्योति के पिता शंकर नागदेव के वकील आर.के. सिंह, दामोदर मिश्रा और नदीम रउफ खान ये कहकर प्रेग्नेंसी टेस्ट को कराने से मना कर दिया कि मनीषा के गर्भवती होने नहीं होने से इस केस पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।

इतना ही नहीं नागदेव के वकीलों ने कोर्ट में यहां तक कह डाला कि, ज्योति के पिता ने मनीषा के गर्भवती होने का बयान मीडिया के सामने कभी दिया ही नहीं। दरअसल, तीन और चार सितंबर को कानपुर में रहकर मृतक ज्योति के पिता शंकर नागदेव ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि, मनीषा और पीयूष के बीच काफी पुराना रिस्ता था। जिसको लेकर लड़की के घरवालों ने उसको तीन साल के लिए दिल्ली भेज दिया था। लेकिन ज्योति की हत्या के करीब चार महीने पहले से वह यहीं आकर रहने लगी थी। इसी दौरान वह प्रेग्नेंट भी हो गई थी। जिसका अबॉर्शन उसने अपने किसी ड्राइवर के साथ अकेले निजी डॉक्टर से करवाया था।

मनीषा के प्रेग्नेंसी को लेकर इस केस की विवेचना कर रहे वर्तमान विवेचक राजीव द्विवेदी के मुताबिक, एक अगस्त को पहले विवेचक शिव कुमार राठौर ने प्रार्थना पत्र देकर पैनल से डॉक्टरी परीक्षण का अनुरोध किया था। जिसमें महिला रोग विशेषज्ञ भी शामिल थी। मगर उस समय मनीषा के वकीलों ने विरोध किया था। जिसके बाद इस टेस्ट की अनुमति नहीं मिली थी।

ऐसे में द्विवेदी ने कोर्ट में दलील दी कि, आज मनीषा को गिरफ्तार हुए पुरे 41 दिन बीत चुके है। इस दौरान कई बार जेल में घर के लोग मिलने आ चुके हैं। इतने समय अंतराल में किसी भी दवा का इस्तेमाल कर कुछ भी किया जा सकता है। वर्तमान में विवेचना में प्रेग्नेंसी टेस्ट का कोई औचित्य नहीं क्योकि प्रेग्नेंसी टेस्ट का उद्देश्‍य मनीषा और उसके घर वाले सहानभूति प्राप्त करने के साथ इस पुरे विवेचना पर से ध्यान भटकाना है।

फोटो: पुलिस की हिरासत में आरोपी मनीषा माखीजा।