कानपुर के जाजमऊ, दबकाघाट पर चादी के सिक्के मिलने के बाद लोगों को हटाती आर्मी (तस्वीर में)
कानपुर. जाजमऊ का दबकाघाट डौंडियाखेड़ा बन गया है। यहां मुगलकालीन चांदी के सिक्के मिलने के 20 घंटे बाद भी जिला प्रशासन का कोई अफसर नहीं पहुंचा। हालात को देखते हुए 76 रेजिमेंट की आर्मी मौके पर तैनात है। रेजिमेंट के कमांडेंट के साथ ब्रिग्रेडियर भी शनिवार की सुबह मौके का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे।
जानकारी के मुताबिक, आर्मी के ऑफिसरों को एक पुरानी सुरंग की तरह नाला दिखा है। अफसरों को उम्मीद है कि दपकेश्वर घाट के आसपास बने टीले बेहद रहस्यमय हैं। ऐसे में आर्मी ऑफिसर को एएसआई की टीम इंतजार है, जो इस क्षेत्र का मुआयना करेगी। उधर, कानपुर जिला प्रशासन को शुक्रवार की सुबह ही आर्मी अफसरों ने इसके बारे में सूचना दे दी थी। इसके बीस घंटे बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
चांदी के सिक्के देखकर दंग रह गए लोग
कानपुर के जाजमऊ का इलाका शुक्रवार को उन्नाव के डौंडियाखेड़ा के रूप में उभरा। यहां के दबका नाला स्थित गंगा किनारे मिट्टी के अंदर अचानक मुगलकालीन चांदी के सिक्के मिलने से इलाके में खलबली मच गई। देखते ही देखते हजारों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। चांदी के सिक्के देख लोग दंग रह गए। इसके बाद जिसके हाथ जितने सिक्के लगे लेकर रफू-चक्कर हो गए।
मौके पर मौजूद एक वकील कैलाश चंद निषाद के मुताबिक, उनके पास एक फोन आया कि गंगा किनारे मुगलकालीन सिक्के मिले हैं। जब वे मौके पर पहुंचे तब तक अधिकतर लोग काफी सिक्के लेकर चले गए थे। हालांकि, उन्होंने अपने पास करीब 60 सिक्के रखकर तत्काल पुलिस प्रशासन को फोन किया था।
आगे देखिए, दबकाघाट पर खुदाई की अन्य तस्वीरें...