कानपुर. शहर हो या गांव। हर जगह घुमंतू कुत्तों का खौफ है। इसके बावजूद रावतपुर स्थित मंडलीय कैनाइन रैबीज कंट्रोल यूनिट में तैनात डॉक्टर बैठ नहीं रहे। प्रशासन की ओर से यूनिट में डॉक्टर भूपेन्द्र सिंह, कम्पाउंडर अमित श्रीवास्तव और महिला कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी) दुर्गा की नियुक्ति की गयी है लेकिन वहां ना ही डॉक्टर आते हैं और ना ही कम्पाउंडर।
बस आती हैं तो महिला चपरासी जो हर दिन सुबह आठ बजे से इस सेंटर को खोल कर बैठ जाती हैं। दोपहर बाद दो बजे इसे बंद कर घर वापस चली जाती हैं। पालतू और घुमंतू जानवरों को दिए जाने वाले एंटी रैबीज इंजेक्शन के इस यूनिट में तीन कमरे हैं लेकिन खुलता सिर्फ एक कमरा है। वह भी डॉक्टर का।
आगे की स्लाइडों में जानिए, यूनिट में तैनात चतुर्थ श्रेणी की कर्मचारी ने क्या कहा डॉक्टरों की उपस्थिति के बारे में...