दुनिया का आठवां अजूबा, लकड़ी की 'गीता'

8 वर्ष पहले
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कानपुर. मन में कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो और कोई इंसान जूनूनी हो जाए तब बड़े से बड़ा काम भी आसान हो जाता है। जज्बे में किए काम दुनिया के सामने नई कला का नमूना पेश कर डालते हैं। वाकई कुछ ऐसा काम कर डाला कानपुर के संदीप ने।
कानपुर के जरोली इलाके में रहने वाले संदीप के जूनून ने उसे अलग पहचान दे दिया। उसने वह कर दिखाया जिसे करने से पहले हम कई बार सोचे। उसके अंदर हमेशा कुछ अलग और रोचक काम करने की तमन्ना थी।
नतीजा ये निकला कि उसने भागवत गीता के अठ्ठारह अध्याय को टिक प्लाई पर लिख डाला। टिक प्लाई पर जिस अक्षर का प्रयोग किया गया उसे सागौन की लकड़ी से बनाया गया।
आगे जानिए संदीप का अनोखा काम...