फोटो: सेमिनार में बोलते कानपुर के आईजी आशुतोष पांडेय।
कानपुर. बदलते दौर में युवाओं में जितनी तेजी से पिज्जा-बर्गर की मांग बढ़ी है, उतनी ही तेजी से
फेसबुक फोबिया भी बढ़ गया है। आज के युवा के पास लोगों से मिलने का वक्त नहीं है। इसलिए वे दिनभर फेसटाइम करते हैं। फेसबुक फोबिया का अब फैशन बन चुका है। यह लड़के-लड़कियों को गलत रास्ते पर ले जा रहा है। यह कहना है कानपुर के आईजी आशुतोष पांडेय का। वह वीरेंद्र स्वरुप एजुकेशन सेंटर में 'सेव द गर्ल चाइल्ड' पर आयोजित सेमिनार में बच्चों को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान आईजी आशुतोष पांडेय ने बच्चों से कई मुद्दों पर बात की। उनके सवालों का जवाब भी दिया। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे पिज्जा-बर्गर खाना ज्यादा पसंद करते हैं। वहीं, फेसबुक भी उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में 10 में आठ युवा फेसबुक के चक्कर में गलत रास्ता अख्तियार कर लेते हैं। इसके लिए अकेले ये बच्चे ही जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि उनके अभिभावकों की भी जवाबदेही है।
आईजी ने अपनी बातें समझाने के लिए बच्चों को
ज्योति मर्डर केस का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि ज्योति की हत्या का मास्टरमाइंड पीयूष अपनी गर्लफ्रेंड मनीषा को रोजाना करीब 150 एसएमएस किया था। फेसबुक पर दोनों घंटों चैटिंग किया करते थे। दोनों के बीच तीन महीने के अंदर 1500 कॉल हुए थे। इसका नतीजा ज्योति की हत्या के रूप में सामने आया। उन्होंने कहा कि युवाओं के हाथ में यदि आज
मोबाइल फोन नहीं है, तो वे खुद को अपडेट नहीं समझते। वहीं, फेसबुक अकाउंट को भी फैशन से जोड़कर देखा जाता है।
फेसबुक फोटों का हो सकता है गलत इस्तेमाल
आईजी आशुतोष पांडेय ने बताया कि फेसबुक पर लगाए गए फोटो का गलत इस्तेमाल हो सकता है। कोई भी आपके फोटो से फेक आईडी बना सकता है। उसपर अश्लील मैसेज और कमेंट पोस्ट किए जा सकते हैं। कई बार तो लड़कियों को ब्लैकमेल भी किया जाता है।
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