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जॉर्डन के युवक का बना ड्राइविंग लाइसेंस, आतंकी संगठन से जुड़े हैं तार

5 वर्ष पहले
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कानपुर. आरटीओ दफ्तर ने जॉर्डन मूल के एक युवक का ड्राइविंग लाइसेंस बना दिया है। उसे एसटीएफ ने वीजा एक्सपायर होने के बाद भी रुकने और आतंकी संगठन से जुड़े होने के दावे में अरेस्ट किया था। मामला सामने आने के बाद एआरटीओ प्रशासन कानपुर नगर प्रभात पांडेय ने जांच बैठा दी है।
5 जनवरी को हुआ था गिरफ्तार
दरअसल, 5 जनवरी 2002 को एसटीएफ ने इंद्रानगर मुंशी पुलिया के पास लखनऊ से जॉर्डन के जकी इलाके के रहने वाले अदनान अली को गिरफ्तार किया था। इसके साथ लखनऊ के अलीगंज के फलस्तीन के वासिल और समीर महमूद को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से कई आपत्तिजनक वस्तुएं मिली थीं। एसटीएफ का दावा था कि अदनान 1993 में भारत आया था। उसका आतंकी संगठन 'हमास' से संपर्क भी रहा।
ड्राइविंग लाइसेंस पर भेजा नोटिस
कुछ दिनों पहले अदनान अली के कानपुर में रहने का खुलासा भी हुआ था। जांच में उसके पास से ड्राइविंग लाइसेंस नंबर (यूपी 78-10/052807) मिला था। आरटीओ प्रशासन इसके लिए अदनान अली को नोटिस भेजने जा रहा है।
आईकार्ड और पैनकार्ड भी फर्जी
एएसपी सुशील घुले ने बताया कि आरटीओ दफ्तर के रिकार्ड अदनान का डीएल 22 दिसंबर 2010 को जारी किया गया। ये 31 अगस्त 2018 तक मान्य है। डीएल पर 117/एल/357 नवीन नगर का पता दर्ज है। आरटीओ प्रशासन का कहना है कि डीएल बनने के लिए कई दस्तावेज चाहिए होते हैं। अदनान ने वोटर आईकार्ड और पैन कार्ड फर्जी तरीके से बनाए थे। इसके बाद डीएल को हासिल किया गया। कुल मिलाकर पूरे मामले में सरकारी महकमों की बड़ी लापरवाही सामने है। इसपर गंभीरता से जांच जरूरी है।
पुलिस हिरासत में जॉर्डन का युवक।
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