कानपुर. कानपुर के हाईप्रोफाइल
ज्योति मर्डर केस में शनिवार को एक नया मोड़ आ गया। इस केस की जांच कर रहे एसओ स्वरुप नगर थानाध्यक्ष शिव कुमार राठौर को हटा दिया गया है। अब उन्हें कानपुर पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, उनकी जगह राजीव द्विवेदी को एसओ का चार्ज दिया गया है। हांलाकि, कोई भी पुलिस अधिकारी इस मामले पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह एक रूटीन प्रक्रिया है जो समय-समय पर होता है।
दूसरी ओर, एसओ शिवकुमार राठौर को इस केस से हटाए जाने और उन्हें पुलिस लाइन संबद्ध करने के पीछे ज्योति के पिता द्वारा बार-बार इन पर सवाल खड़े करने हो सकते हैं। हाल ही में शंकर नागदेव ने कानपुर एसएसपी केएस इमैनुअल को एक पत्र लिखकर जांच अधिकारी राठौर के कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे।
जांच रिपोर्ट आने के बाद राठौर को हटा दिया गया
इसके पहले भी चार अगस्त को नागदेव ने कानपुर के पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर उनके खिलाफ कई शिकायत किए थे। इसके बाद आईजी कानपुर आशुतोष पांडेय ने शिवकुमार राठौर के खिलाफ जांच बैठा दी थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें जांच अधिकारी के पद से हटाकर पुलिस लाइन संबद्ध कर दिया गया है।
क्या कहते हैं आईजी आशुतोष पांडेय
Dainikbhaskar.com से बातचीत के दौरान आईजी आशुतोष पांडेय ने कहा कि जांच अधिकारी को हटाए जाने का मतलब उनकी कहीं न कहीं कमी रही होगी। साथ ही यदि वादी बार-बार जांच अधिकारी के कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है तो जाहिर होता है कि वह संतुष्ट नहीं है।
आईजी के मुताबिक, मृतक ज्योति के पिता शंकर नागदेव बराबर जांच अधिकारी शिवकुमार राठौर के कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे थे। इसके बाद उनके खिलाफ जांच करवाया गया। इसमें कई कमियां पाई गईं।
आगे पढ़िए एसएसपी ने कहा- यह एक रूटीन प्रक्रिया है…