तस्वीर में: राजा दशरथ से बात करती हुईं कैकेयी।
कानपुर. कानपुर के परेड ग्राउंड में हो रही रामलीला में शनिवार को कैकयी और दशरथ के बीच संवाद का मंचन किया गया। रामलीला की शुरुआत कैकेयी और मंथरा के संवाद से हुई। मंथरा ने कैकई को कुटिल राजनीत की लच्छेदार बातों में फंसा लिया और कैकेयी को राम के वनवास के लिए राजी कर लिया। वहीं, सब जानते हुए भी दर्शक इस बात की कल्पना कर रहे थे कि कोई चमत्कार हो जाए और कैकेयी भगवान राम को वनवास जाने के विषय में राजा दशरथ से न बोलें।
माता कैकेयी और राजा दशरथ के बीच करीब आधे घंटे तक संवाद चला। कैकेयी राजा दशरथ से भगवान राम को वनवास और अपने बेटे भारत को राजपाठ देने की जिद पर अड़ी थी। दशरथ के लाख समझाने के बाद भी कैकेयी समझने को तैयार नहीं थीं। इसके बाद भी जब राजा दशरथ नहीं माने तो कैकेयी अपने सारे आभूषण उतार कर कोप भवन में चली गईं।
कैकेयी के कोप भवन में चले जाने की सूचना जब राजा दशरथ को मिली तब उन्होंने कैकेयी को बहुत समझाने की कोशिश की। नहीं मानने पर राजा दशरथ ने भारी मन से इसकी आज्ञा दे दी। राजा दशरथ के हामी भरने पर दर्शक दीघा में बैठी कई महिला भक्तों की आंखें नम हो गईं।
आगे तस्वीरों में देखिए राजा दशरथ से वचन मांगते हुए कैकेयी...