फोटो: डफरिन अस्पताल के सामने बने हुए रैन बसेरे पर दबंगों ने साइकिल स्टैंड खोल दिया है।
कानपुर. जिला प्रशासन और नगर निगम की लापरवाही के चलते गरीबों के अशियाने रैन बसेरा पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा है। यहां अधिकारियों की नाक के नीचे खुलेआम इनका दुरुपयोग किया जा रहा है। इसकी वजह से बेसहारा और गरीबों को सर्द की रातों में सड़क पर ही पूरी रात बितानी पड़ रही है। लोगों की शिकायतों के बाद भी इन अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
कानपुर के जिला प्रशासन और नगर निगम के दवारा लाखों रुपए खर्च करके गरीब लोगों के लिए रैन बसेरों का निर्माण कराया गया था। कुछ साल पहले बने इन बसेरों में अवैध कब्जेदारों ने कब्जा कर लिया। सबसे बुरा हाल महिला चिकित्सालय के नाम से पहचाने जाने वाले डफरिन अस्पताल का है। यहां पर अवैध साइकिल स्टैंड संचालक ने डफरिन अस्पताल परिसर के साथ ही रैन बसेरे पर भी कब्जा कर रखा है।
बताते चलें, कब्जेदार ने यहां पर बहुवा नाम के एक युवक को दो हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से रैन बसेरा किराए पर दे रखा है। डफरिन अस्पताल से सटे जिला चिकित्सालय (उर्सला) में भी रैन बसेरा जर्जर हालत में है। यहां पर भी अस्पताल परिसर में साइकिल स्टैंड संचालक ने कब्जा कर रखा है। ऐसे में ये लोग रैन बसेरे के मुख्य दरवाजे पर चार पहिया वाहन खड़े करवा देते हैं। इस अवैध पार्किंग के कारण लोग बसेरे तक भी नहीं पहुंच पाते हैं।
लोगों का आरोप है कि रात में यहां आने वाले असहाय और गरीबों से स्टैंड संचालक उसमें रात बिताने के एवज में रुपयों की वसूली करते हैं। वहीं, परमट इलाके में बने एक रैन बसेरे में इलाके के पंडित जी के नाम से मसहूर दबंग ने अपना ताला लगा रखा है। इलाकाई लोगों के घरों में समारोह होने पर इस रैन बसेरे को किराए पर भी दे दिया जाता है। इसके एवज में वह मोटी रकम भी वसूल करते हैं। सूत्रों की मानें तो विभाग के अधिकारी भी इन दबंगों से मिले हुए हैं।
आगे देखें गरीबों को आश्रय देने के लिए बने रैन बसेरों के बुरे हाल की तस्वीरें...